अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
उकलाना में मासूम के साथ दरिंदगी के बाद शनिवार सुबह बाजार बंद कर प्रदर्शन किया तो शाम को मासूम बच्ची की आत्मा की शांति के लिए स्कूली बच्चों और युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला।
मासूम के साथ दरिंदगी की घटना के बाद बाजारों को बंद कर दिया और नारेबाजी कर जुलूस निकाला। पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, सुरेंद्र लितानी, सुभाष फरीदपुरिया, रोशन लाल मित्तल, सत्यनारायण बंसल, पार्षद प्रवीन गिल, मनपाल सेलवाल, तरसेम बरवाला, रमेश गोयल, सत्य भूषण, विपिन सिंगला, पार्षद महेंद्र सोनी, मांगेराम सोनी आदि मौजूद थे। दुकानदारों ने एलान किया कि जब तक बच्ची का अंतिम संस्कार नहीं होगा, तब तक बाजार नहीं खोलेंगे। टेलिफोन एक्सचेंज के करीब जमीन पर मोमबत्तियां जलाकर मासूम बच्ची की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कैंडल मार्च के समय काफी बच्चे भावुक हो गए।
घुमंतू जाति आयोग करेगा मदद
हरियाणा घुमंतू जातियां आयोग के चेयरमैन डॉ. बलवान सिंह पीड़ित परिवार के घर शोक जताने पहुंचे। उन्होंने कहा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. बलवान ने कहा कि सरकार इस परिवार को मुआवजा देगी। घुमंतू जातियों के बेघर 25 हजार परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाकर दिए जाएंगे।
बच्ची की मां बोली, मुझे नहीं मालूम मासूम को कब ले गया शैतान
मृतका की मां ने बताया कि उसका पति शुक्रवार को काम के लिए गुरुग्राम गया था। रात नौ बजे वह और उसके तीनों बच्चे सो गए थे। वह रात एक बजे उठी थी। लघुशंका कर वापस सो गई। उसे नहीं मालूम तब उसकी लड़की बिस्तर पर थी या नहीं। सुबह सात बजे उठने पर पता चला कि लाडली बिस्तर पर नहीं है। उसने इस बारे साथ की झोपड़ी में परिवार वालों को जानकारी दी। बच्ची को ढूंढ ही रहे थे कि तभी सूचना मिली कि उनकी लाडली टेलिफोन एक्सचेंज वाली गली में पड़ी है।
बस्ती के 18-20 साल से रह रहा पीड़ित परिवार
हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन श्रीनिवास गोयल ने कहा मृतका लाडली उनकी बेटी थी। किसी भी सूरत में दरिंदे को छोड़ेंगे नहीं। सीएम को अवगत भी करवाया है। बस्ती के एक खाली प्लॉट में यह परिवार पिछले 18-20 साल से रह रहा है। अन्य परिवार झोपड़ी बनाकर रहते हैं। सपेरा जाति के ये परिवार मूलरूप से टोहाना के निवासी हैं। महिलाएं कचरा बीनने का काम करती हैं। परिवार के लोग मजदूरी करते हैं। मृतका मंझली बेटी थी। बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। कोई भी बच्चा स्कूल में नहीं जाता।