अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नोटबंदी के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आधारित एक कंपनी हरियाणा से करोड़ रुपये लेकर गायब हो गई। पैसा जमा कराने वाले हिसार के लोग जब लखनऊ पहुंचे तो वहां कंपनी मुख्यालय पर ताला लटका मिला। इसके बाद निवेशकों ने लखनऊ की विकास क्रेडिट को-ऑपरेटिव लिमिटेड सोसायटी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया है।
बारह क्वार्टर रोड निवासी सुभाष जांगड़ा ने सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दी कि अगस्त 2014 में लखनऊ की कंपनी ने मॉडल टाउन स्थित महता टॉवर में ब्रांच खोली। प्रदेश में इस कंपनी ने अलग-अलग शहरों में करीब 30 ब्रांच खोल लीं। इन ब्रांचों में लोगों ने अपनी जमापूंजी जमा करवानी शुरू कर दी। नोटबंदी से पहले सब कुछ ठीक चलता रहा। नवंबर के बाद इन शाखाओं पर ताले लगने शुरू हो गए। जब जमा पूंजी करने वाले लोगों ने कंपनी के कार्यालय केे चक्कर काटने शुरू कर दिए तो वहां के स्टाफ भी कम होना शुरू हो गया। लोगों ने इस बारे में लखनऊ में कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। कोई ठोस जवाब न मिलने पर हिसार के अलावा अन्य जगहों से करीब 100-150 लोग लखनऊ कंपनी कार्यालय में गए तो वहां पर ताले लटके हुए मिले। कंपनी के अधिकारियों से उनके घरों में संपर्क किया गया तो कहा गया कि नोटबंदी के कारण कुछ समय लगेगा। मामला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक भी पहुंचा।
शिकायतकर्ता सुभाष जांगड़ा ने बताया कि हरियाणा की बात करें तो करीब 30-31 करोड़ रुपये इस कंपनी में डूबा हुआ है। कंपनी के कोई अधिकारी अब जवाब नहीं दे रहे कि उनका पैसा कब वापस मिलेगा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर राजेश कुमार पांडे, राजकुमार, गिरीश शर्मा, सुनील तिवारी, अनुराग शर्मा निवासी उत्तर प्रदेश के खिलाफ धारा धोखाधड़ी, ठगी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
हरियाणा के लोगों से करीब 30-31 करोड़ ठगने का आरोप