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भारतीय खेल विकास बोर्ड के नाम पर हिसार के दो लोगों ने हनुमानगढ़ में ठग लिए करोड़ो रुपये

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। हिसार के दो युवकों द्वारा राजस्थान के हनुमानगढ़ में युवाओं से भारतीय खेल विकास बोर्ड के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। इस मामले में हनुमानगढ़ के स्थानीय कांग्रेस नेता का भी हाथ बताया जा रहा है। हनुमानगढ़ पुलिस ने इस मामले में फर्जीवाड़े का केस दर्ज करके हांसी के पास गांव सुल्तानपुर निवासी नरेश मलिक, गांव डोभी निवासी आजाद सिंह हिंदुस्तानी व महाराष्ट्र के अलोपा निवासी दौलत राम को गिरफ्तार किया है। इसमें नरेश मलिक व आजाद सिंह हिंदुस्तानी पुरे फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। दोनों आरोपी अभी हनुमानगढ़ पुलिस के पास पांच दिन के रिमांड पर हैं व दौलतराम को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों ने भारतीय खेल विकास बोर्ड के नाम पर हजारों युवाओं का रजिस्ट्रेशन करके उनसे दो हजार के हिसाब से करोड़ों रुपये ठग लिए। आरोपियों द्वारा 26 राज्यों के हजारों युवाओं से पैसे लेकर ठगी करने का मामला सामने आया है।
भारतीय खेल विकास बोर्ड के नाम से ऑनलाइन भरवाए थे फॉर्म
पुलिस को दी शिकायत में केहरवाला निवासी मोहित ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे सोशल मीडिया के जरिये हनुमानगढ़ में भारतीय खेल विकास बोर्ड की तरफ से खेल आयोजन कराए जाने का पता चला। जब इस बारे में उसने आरोपियों से बात कि तो उन्होंने बताया कि वह 28 अक्तूबर को हनुमानगढ़ में खेल आयोजन करवाने की बात कही। उसे बताया गया कि इस खेल में जितने वालों को जो प्रमाण-पत्र मिलेगा वह फौज व पुलिस की भर्ती में मान्य होगा। इस प्रमाण-पत्र के उनको भर्ती में पांच नंबर मिलेंगे। इसके बाद उसने व उसके कई दोस्तों ने इस खेल के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया। इस आवेदन के लिए उनसे खेल के अनुसार दो हजार से लेकर पांच हजार तक फीस वसूल कि गई। इसके बाद जब उन्होंने आयोजकों से बात कि तो वहा टालमटोल करने लगे। उन्हें मामले पर शक हुआ तो पुलिस में शिकायत की।
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पैसे लेकर पहले भी जारी कर चुके हैं नकली प्रमाण-पत्र
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इससे पहले हरियाणा के हिसार, हांसी, जींद, सिरसा व फतेहाबाद में भी इसी तरह से खेल का आयोजन करवाकर युवाओं से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। ये लोग प्रमाण-पत्र की पुलिस व आर्मी की भर्ती में लागू होने की बात कहकर फर्जीवाड़ा करते थे, लेकिन जांच में सामने आया है कि यह प्रमाण-पत्र नकली हैं और इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है। पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों से 1.66 लाख नकद व एक फॉरच्यूनर गाड़ी बरामद कर ली है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों से जुड़े हिसार व हांसी के बैंकों में उनके खाते फ्रीज करवा दिए हैं।
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गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म से ठग है। ये लोग खुद को भारतीय खेल विकास बोर्ड का अधिकारी बताकर युवाओं से रुपये लेकर नकली प्रमाण-पत्र जारी कर देते हैं। यह प्रमाण-पत्र नकली हैं। आरोपियों द्वारा 26 राज्यों के हजारों युवाओं से पैसे लेकर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों के बैंक खातों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
- शंभु दयाल सिंह, जांच अधिकारी पुलिस थाना सिटी हनुमानगढ़
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