अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
न्यायिक दंडाधिकारी ऋचु की अदालत ने मकान के झगड़े के विवाद को लेकर हमला कर एक आदमी को घायल करने पर पीरांवाली गांव के भूपेंद्र सिंह और उसके बेटे धर्मेंद्र सिंह को दो-दो साल की कैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस संबंध में दोषी भूपेंद्र सिंह के भाई रवींद्रजीत सिंह ने केस दर्ज कराया था।
सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में 28 फरवरी 2014 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार पीरांवाल के रवींद्रजीत सिंह ने घटना के बाद पुलिस को बताया था कि भतीजे धर्मेंद्र सिंह का मकान उसके मकान के साथ लगता है। भतीजे के साथ उनका मकान को लेकर झगड़ा चल रहा है। उसी रंजिश के चलते धर्मेंद्र सिंह शाम को सवा सात बजे आया और दरवाजा खटखटाया। मैंने कुंडी नहीं खोली तो वह गाली-गलौज करने लगा। मैं चुप रहा तो वह चला गया। उसके बाद धर्मेंद्र सिंह और उसका पिता भूपेंद्र सिंह अपने मकान की छत पर चढ़ गए। उन्होंने गाली-गलौज कर पथरव कर दिया जिससे वह घायल हो गया। उसके बेटे सोनू को मामूली चोट लगी और उनके टाटा ऐस वाहन का शीशा टूट गया। उसके बेटे ने कंट्रोल रूम में फोन किया तो पुलिस मौके पर पहुंची। उसके बाद बेटा सोनू उसे टाटा ऐस में सिविल अस्पताल में ले गया। सोनू ने भी अपना प्राथमिक उपचार कराया। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया था।