सिवानी मंडी। हिमाचल की राजधानी शिमला में दुष्कर्म की शिकार हुई पीड़िता बुधवार को यहां घर से लापता हो गई। युवती ने खुद फोन कर दुष्कर्म की घटना से अनजान परिजनों को पूरे मामले के बारे में बताया तो उनके होश उड़ गए। युवती ने बताया कि हिमाचल पुलिस की तरफ से यहां हरियाणा में आकर उसका चरित्रहनन किया जा रहा है और इससे परेशान होकर वह हमेशा के लिए घर छोड़कर जा रही है। युवती के लापता होने की सूचना के बाद न केवल हरियाणा बल्कि हिमाचल प्रदेश पुलिस में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने पीड़िता की बहन की शिकायत पर गुमशुदगी का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। हालांकि देर रात परिजनों को युवती अपने ही रिश्तेदारी में मिल गई। उधर, युवती के परिजनों का कहना है कि उन्हें हिमाचल सरकार और वहां की पुलिस से अभी तक कोई न्याय नहीं मिला है। जानकारी के अनुसार मामला 28 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला शहर का है। युवती के साथ वहां चलती कार में दुष्कर्म हुआ तो पूरे हिमाचल में बवाल हुआ था। विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ न केवल प्रदर्शन किया था बल्कि सरकार की बर्खास्तगी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर व शिमला संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. धनीराम शांडिल ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। हिमाचल के सीएम से लेकर डीजीपी तक की इस घटना पर विशेष नजर थी। इस मामले को लेकर जहां न्यायिक जांच चल रही है वहीं एसआईटी और हरियाणा व हिमाचल महिला आयोग भी पूरी तरह से गंभीर है। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात के बावजूद हिमाचल पुलिस ने पीड़िता के परिजनों को सूचित तक करना जरूरी नहीं समझा। युवती के परिजनों को इस घटना के बारे में पता उसके लापता होने के बाद चला। बुधवार को हिसार के लिए बोलकर घर से गई और खुद फोन कर शिमला दुष्कर्म कांड के बारे में बताया। युवती ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय उसे इतना टॉर्चर किया कि वह अपने घरवालों को कुछ भी नहीं बता पाई। युवती के परिजनों के मुताबिक हिमाचल पुलिस ने उसके शहर में भी आकर उसका चरित्रहनन करना शुरू कर दिया तो वह मानसिक रूप से परेशान होकर घर से चली गई। पीड़िता के पिता के मुताबिक उनकी बेटी फिलहाल उन्हें मिल गई है और वह किसी रिश्तेदारी में रुकी हुई है।
पांच दिन पहले ही आई थी घर
परिजनों के मुताबिक दुष्कर्म के बाद पीड़िता शिमला में पुलिस की कस्टडी में रही और इस दौरान उसे चाहकर भी हिमाचल पुलिस ने घर नहीं आने दिया गया। मामला मीडिया में आया और विपक्षी दलों के अलावा सामाजिक संगठनों ने शिमला में विरोध प्रदर्शन किया तो हिमाचल पुलिस पीड़िता को करीब पांच दिन पहले हिसार छोड़कर चली गई। इसके बाद वह अपने भाई के साथ सिवानी पहुंची और किसी को कुछ भी नहीं बताया। परिजनों की मानें तो पीड़िता गुमशुम रहने लगी थी लेकिन घटना के बारे में किसी को नहीं बताया।
परिजन बोले, पुलिस से नहीं मिला न्याय
पीड़िता के पिता ने कहा कि उसकी बेटी के साथ दरिंदगी की जानकारी उसके लापता होने के बाद मिली। पुलिस ने उसकी बेटी को इतना ज्यादा प्रताड़ित किया कि वह मानसिक रूप से परेशान होकर लापता भी हो गई। पिता ने कहा कि इस हादसे के बाद वह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित तो है लेकिन अभी तक उनकी बेटी के साथ दरिंदगी करने वालों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि आरोपी को सरकार का पूरा संरक्षण है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें कहीं भी जाना पड़े वे पीछे नहीं हटेंगे।
लड़की के गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलते ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। पीड़िता ने शिकायत में हिमाचल पुलिस में केस का तो हवाला दिया है लेकिन यह हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला है। पीड़िता के पिता के मुताबिक वह अब मिल गई है और अपनी रिश्तेदारी में ठहरी हुई। लड़की के बयान मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
जयपाल सिंह, डीएसपी, सिवानी।