अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
डीएसपी विरेंद्र सिंह के कुक मोहनलाल ने सोमवार को सीआईडी कॉलोनी के अपने क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने आत्महत्या करने से पहले डायरी में सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें एएसआई कर्मबीर को अपनी मौत का जिम्मेवार ठहराया है। सिविल लाइन पुलिस ने नामजद कर्मबीर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
सीआईडी कॉलोनी में रहने वाली नेपाल की गीता ने बताया कि उनके पति मोहनलाल सीआईडी के डीएसपी विरेंद्र सिंह के कुक थे। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले पति डीएसपी की कोठी के पास खड़े थे। इसी दौरान एएसआई कर्मबीर आकर बोला कि ईंटों की तराई कर दे। पति ने तराई करने से इनकार कर दिया। यह सुनकर पुलिसकर्मी ने मेरे पति के साथ मारपीट की और उनको हाथों में उठाकर नीचे फेंक दिया। इस कारण उनके पांव में चोट लगी थी। उस घटना के बाद मेरे पति शराब पीने लगे। वह रविवार को डॉक्टर के पास जाकर पांव में पट्टी बंधवाकर आए थे। गीता का कहना है कि वह सुबह काम करने के लिए चली गई और बच्चे स्कूल चले गए। पति घर पर अकेले थे। वह दोपहर को लौटी तो अंदर का नजारा देखकर हैरान रह गई। पति पंखे के हुक में डले फंदे में लटके थे। यह देख पड़ोसियों को बताया। वे मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। वहीं मृतक के भाई बाबूलाल का कहना है कि पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट करने के बाद से भाई बेहद परेशान था। इस कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली।
यह लिखा सुसाइड नोट में
सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरी मौत का जिम्मेवार एएसआई कर्मबीर है। शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में किया गया। पीआरओ चंद्रभान शर्मा ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में एएसआई कर्मबीर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।