अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एचएयू की 21 साल की एक विवाहिता से दो लोगों ने लघु सचिवालय के पीछे झाड़ियों में सवा महीने पहले गैंगरेप किया था। पीड़ित महिला जान से मारने की धमकी मिलने पर चुप रही और उसने गांव से चाची लौटने पर आपबीती बताई। महिला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर शहर के राकेश ठेकेदार और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।
विवाहिता ने पुलिस को शिकायत दी कि 19 अप्रैल को उनका डेढ़ साल का बच्चा बीमार हो गया था। बच्चे को फ्रेंड्स कॉलोनी के एक अस्पताल में दाखिल कराया था। उन्होंने राकेश ठेकेदार से 5000 रुपये लेने थे। 21 अप्रैल को बच्चे को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। राकेश ठेकेदार उस दिन एक व्यक्ति के साथ अस्पताल में आया था, उसने मेरे पति को 2500 रुपये दिए थे, तब उन्होंने अस्पताल का बिल चुकता कर दिया था। उस दिन उसके पति की साइकिल खराब हो गई थी। ठेकेदार राकेश ने मेरे पति से कहा था कि मैं तुम्हारी पत्नी और बच्चे को एचएयू के गेट नंबर चार के पास छोड़ दूंगा। ठेकेदार और उसका साथी उसे व उसके बच्चे को बाइक पर बिठाकर चल पड़े। वे दोनों उसे लघु सचिवालय के पीछे नहर के पास झाड़ियों में ले गए। वहां दूसरे व्यक्ति ने उसका बच्चा पकड़ लिया और राकेश ने उसके साथ रेप किया। ठेकेदार ने धमकी दी कि अगर शोर मचाया तो बच्चे को नहर में फेंक दूंगा। फिर ठेकेदार ने बच्चा गोद में ले लिया और दूसरे आरोपी ने रेप किया। उसने वह बात किसी को बताने पर पति और बच्चे को मारने की धमकी दी। फिर वे उसे बाइक पर एचएचयू के चार नंबर गेट के पास छोड़कर फरार हो गए थे। उसकी चाची गांव गई हुई थी। वह लौटी तो उसने उनको मामले से अवगत कराया। महिला थाने की एसआई मेवा रानी की टीम ने महिला की मेडिकल जांच सिविल अस्पताल में कराई। पुलिस ने नामजद राकेेश और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।