अमर उजाला ब्यूरो
हिसार
सात साल पहले सिवानी बोलान गांव के सुरेश के साथ लव मैरिज करने वाली सिरसा की 25 वर्षीय नेहा ने रविवार शाम महाबीर कॉलोनी में फांसी लगाकर जान दे दी। सिटी थाना पुलिस ने मृतका के पति के मौसेरे भाई के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। सिवानी के सुरेश जांगड़ा ने बताया कि वह कारपेंटर की दुकान पर मजदूरी करता है। नेहा से उसकी मुलाकात आठ साल पहले यहां बस अड्डे पर हुई थी। वह यहां के एक शिक्षण संस्थान में पढ़ती थी। पहली ही मुलाकात में हमने एक-दूसरे के नाम-पते जान लिए थे। उसके बाद हमारी मुलाकातें बढ़ती गईं और हमने सात साल पहले शादी कर ली थी। हमारा छह साल का एक बेटा है। वह दादा-दादी के पास रहता है। उसने बताया कि पहले वह कृष्णा नगर में किराये पर कमरा लेकर रहता था। वहां मेरे साथ मेरा मौसेरा भाई दीपक भी रहता था। सुरेश ने बताया कि उसने तीन दिन पहले महाबीर कॉलोनी में एक कमरा किराये पर लिया था। वह दूसरे दिन रविवार को सुबह मजदूरी करने चला गया। वह शाम छह बजे लौटा तो कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी। खिड़की से झांककर देखा तो नेहा पंखे के हुक में चुन्नी के फंदे में झूल रही थी। उसके बाद सिरसा निवासी मृतका के पिता सुरेंद्र को फोन पर सूचना दी। उनके आने के बाद 12 क्वार्टर चौकी पुलिस ने कुंडे तोड़कर शव कब्जे में लिया। जांच अधिकारी एएसआई राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सिरसा के सुरेंद्र ने बयान देकर कहा कि मोडाखेड़ा के दीपक ने उसकी बेटी को मरने पर विवश किया है। उस आधार पर नामजद के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।