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हत्यारे चोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ढाई घंटे गांव के चौक पर रखा शव, देर शाम उठाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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उकलाना मंडी/हिसार।
हत्यारे चोरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर साहू गांव के लोगों ने दूसरे दिन भी गांव में रोड जाम कर दिया। मृतक किसान इंद्रपाल बिश्नोई का परिजनों ने पहले तो शव लेने से इनकार कर दिया, लेकिन प्रशासन के समझाने पर उन्होंने पोस्टमार्टम करवाकर शव तो ले लिया, लेकिन पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने गांव के चौक पर शव रखकर करीब ढाई घंटे तक जाम लगा दिया। उन्होंने प्रशासन को दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी मांगें न माने जाने तक वे शव नहीं उठाएंगे। बाद में एडीसी से सहमति बनने पर ग्रामीणों ने ढाई घंटे बाद शव उठाया और अंतिम क्रिया की।
शहर के एक निजी अस्पताल में बुधवार शाम को उपचार के दौरान किसान इंद्रपाल की मौत हो गई थी। शव देर शाम सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया दिया था। सुरेवाला चौकी पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद अस्पताल के स्टाफ को पोस्टमार्टम संबंधी कागजात सौंपे थे। तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान सरपंच रजनीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे उनकी मांगें माने जाने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, बच्चों के पालन-पोषण के लिए 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, इलाज का खर्चा प्रशासन वहन करे और हत्यारों को गिरफ्तार जाए। पुलिस की गुप्तचर शाखा के काफी कर्मचारी अस्पताल में मामले पर नजर जमाए हुए थे।
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ग्रामीणों ने एक्सरे कराने पर जताई नाराजगी
डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद शव एक्सरे कराने के लिए एक्सरे रूम में भेज दिया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी थी। सरपंच रजनीश के चचेरे भाई संदीप गोदारा ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन जान-बूझकर देरी से शव देना चाहता है। डॉक्टर ऑपरेशन कर गोली पहले निकाल चुका है। इतना ही नहीं शव का पोस्टमार्टम हो चुका है। फिर एक्सरे का क्या मतलब। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की मंशा है कि अंधेरा होने के करीब शव सौंपा जाए, ताकि वे शव के साथ जाम न लगा सके, लेकिन वे मांगें न माने जाने तक अंतिम क्रिया नहीं करेंगे। बाद में एक्सरे कराकर शव परिजनों को सौंप दिया और परिजन 1.25 बजे एंबुलेंस में शव रखकर साहू के लिए रवाना हो गए।
प्रशासन ने किया पुलिस बल तैनात
प्रशासन ने सुबह गांव के सभी रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर रखा था। प्रशासन द्वारा कुछ एक मांगें मानने पर ढाई घंटे बाद शव घर ले जाया गया। प्रशासन की ओर से एडीसी एएस मान, उनके अलावा इनेलो विधायक अनूप धानक, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, वधेवा राम नंबरदार, सरपंच रजनीश गोदारा, रजनी देवी, कलीराम नंबरदार, सरपंच प्रतिनिधि दिलबाग बौराण आदि मौजूद थे। इससे पूर्व सुबह साढ़े नौ बजे ग्रामीण साहू के मुख्य चौराहे पर एकत्रित हो गए और चारों ओर का सड़क मार्ग रोक दिया। ग्रामीणों ने उकलाना, भूना, अग्रोहा की ओर के रास्तों पर टैक्टर-ट्रॉली खड़े कर मार्ग जाम कर दिया। धरनास्थल पर वधेवा राम के नेतृत्व में संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति में अनूप, नरेश, सुशील गोदारा, कलीराम, सतबीर, वगैरा 25 सरपंचों, पंच और गणमान्य लोग शामिल हुए। मांगों को लेकर शुरू में एसडीएम ने समिति से वार्तालाप की, लेकिन वे ग्रामीणों को संतुष्ट नहीं कर पाए। इस बीच नारेबाजी चलती रही। बाद में एडीसी के साथ दो दौर की बातचीत के बाद ग्रामीण धरना खत्म करने और अंतिम क्रिया करने को तैयार हुए। बुधवार तड़के इंद्रपाल को उस वक्त गोली मार दी गई थी, जब उसने अपनी भैंस चोरी का विरोध किया था। उसने कुछ घंटे बाद हिसार के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
मुआवजे संबंधी फाइल चंडीगढ़ भेजी जाएगी : एडीसी
अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान ने सरकार की ओर से चौक पर पहुंचकर मृतक को श्रद्धांजलि दी और हत्यारों को जल्दी गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने परिवार के दो सदस्यों को डीसी रेट पर नौकरी देने, परिवार के किसी एक सदस्य को रिवॉल्वर का लाइसेंस देने, इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत मकान देने, दो लाख तक की आर्थिक मदद मुहैया करवाने, गांव में सीसीटीवी लगवाने का आश्वासन दिया। एडीसी ने बताया कि इस मामले की जांच और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम गठित कर दी है। टीम को हत्यारों से जुड़े कुछ सुराग हाथ लगे हैं। जल्दी उनको पकड़ लिया जाएगा।

थाने का पूरा स्टाफ बदला जाए : सेलवाल
इस मौके पर पूर्व विधायक नरेश सेलवाल ने कहा एक महीने में उकलाना में अपराध बढ़ गया है। मासूम बच्ची की हत्या, नाबालिग का अपहरण, रंगदारी, लूटमार और कत्ल की वारदात हुई। उकलाना के पूरे थाने के स्टाफ को तबदील किया जाए।

सपरा अस्पताल पर हो कार्रवाई : मियां
वामपंथी नेता कामरेड मियां सिंह, हरदीप सिंह ने सपरा अस्पताल और उकलाना के तहसीलदार पर भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार ने कल भरोसा दिलाया था कि प्रशासन उपचार का खर्च देगा, लेकिन प्रशासन ने अस्पताल को अठन्नी तक नहीं दी और परिजनों ने स्वयं 1 लाख 38 हजार रुपये अस्पताल को दिए।

शहीद वाली सहायता दी जाए : अनूप
इनेलो विधायक अनूप धानक ने श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद मृतक को शहीद को मिलने वाली सहायता की सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि इंद्रपाल की मौत अपराध का मुकाबला करते हुए हुई है। परिवार गरीब है और सरकार को उनकी ज्यादा से ज्यादा मदद करे।
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गांवों में सुरक्षा बढ़ाए सरकार : वधेवा
संघर्ष समिति के चेयरमैन वधेवा राम नंबरदार ने धरना समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि प्रशासन को ग्रामीणों से किया वादा पूरा करना चाहिए और गांवों में पुलिस की सुरक्षा बढ़ाने का काम भी करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पंचग्रामी और आसपास के एक दर्जन गांव अपराधग्रस्त हैं। इसलिए हम चुप नहीं बैठेंगे और समीक्षा बैठके करते रहेंगे।
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