हिसार। संडूल गांव के डाकघर में कार्यरत नंगथला निवासी ओमप्रकाश व उसके बेटे जयप्रकाश ने संडूल व नंगथल गांवों के डाकघरों में कुल 16 लाख 97 हजार 742 रुपये का गबन कर दिया। आरोप है कि जयप्रकाश ने उपभोक्ताओं के डाकघरों में खाते खोले और उनसे पैसे जमा करवाए, लेकिन उनकी पासबुक पर फर्जी एंट्री व मुहर लगाकर पैसे को सरकारी खाते में जमा नहीं करवाया। इस संबंध में जिला डाकघर के सुपरिंटेंडेंट ने अग्रोहा पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में हिसार डाकघर के सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि नंगथला निवासी ओमप्रकाश संडूल गांव के डाकघर में ग्रामीण डाक सेवक ब्रांच पोस्टमास्टर के पद पर तैनात है। उसने 7 मई 1991 से 18 जुलाई 2018 के बीच सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर गबन किया है। नंगथला में किसी अन्य अधिकारी की सेवानिवृत्ति के बाद 6 अप्रैल 2009 से 18 अगस्त 2014 तक बीपीएम की पोस्ट खाली रही तो ओमप्रकाश को विभाग ने संडूल के साथ नंगथला का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया। ओमप्रकाश का बेटा जयप्रकाश अपने पिता की पोस्ट का फायदा उठाते हुए अनधिकृत तरीके से संडूल और नंगथला दोनों ब्रांच में काम करता था और लोगों से खाते खुलवाकर उनसे पैसे लेता था। वह डाकघर में एंट्री करता था और संडूल व नंगथला डाकघर की मुहर भी मार लेता था, लेकिन वह पेमेंट को सरकार के खाते में जमा नहीं करवाता था। जयप्रकाश ने धोखाधड़ी से ब्लैंक पासबुक भी प्रिंट करवाई हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि दोनों पिता-पुत्र ने कुल 16 लाख 97 हजार 742 रुपये का सरकारी पैसे का गबन किया है।
इन लोगों से की धोखाधड़ी
- नंगथला की पुष्पा देवी से 23 मार्च 2015 को 1 लाख, 25 जुलाई 2016 को ढाई लाख, 27 फरवरी 2014 को 1 लाख, 1 फरवरी 2016 को डेढ़ लाख
- संडूल निवासी राजेंद्र सिंह से 20 जनवरी 2015 को 50 हजार रुपये
- संडूल निवासी नीलम से 11 अक्टूबर 2014 को 50 हजार रुपये
- नंगथला निवासी बिमला देवी से 28 जनवरी 2013 को ही तीन खातों के 2-2 लाख कुल 6 लाख रुपये
- नंगथला की नेहा से 2050 रुपये
- नंगथल की तनिष्का से 26 हजार रुपये
- नंगथला की वंतिका से 26 हजार रुपये
- नंगथला की कविता से 6 हजार रुपये
- नंगथला के देव से 3500 रुपये
- नंगथला के साहिल से 4405 रुपये
- नंगथला की गिना देवी से 6687 रुपये
- संडूल के गिरवर सिंह से 19900 रुपये
- अजय से डेढ़ लाख रुपये
- सुदेश व उसकी माता बिमला देवी से डेढ़ लाख रुपये
- नंगथला की ममता रानी से 2200 रुपये
- नंगथला की बबीता से 1000 रुपये की ठगी
देरी से एफआईआर दर्ज कराने का कारण विभागीय जांच हो सकता है। विभाग द्वारा पहले अपने स्तर पर पूरी तरह जांच की गई की गई, खाताधारकों के बयान लिए गए, ताकि गबन की राशि का पता चल सके। फिलहाल शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 409, 419, 420, 465, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- एएसआई धनराज, जांचकर्ता, अग्रोहा थाना, हिसार।