अमर उजाला ब्यूरो
हिसार/बालसमंद।
जिले में प्रधानमंत्री की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की योजना के नाम पर धड़ल्ले से फर्जी फार्म भरे जा रहे हैं। अब तक हजारों फार्म भरकर भेजे जा चुके हैं। जिले के गांव आर्यनगर में सबसे अधिक फार्म भरे जाने की सूचना है। एक पेज के इस फार्म के नाम पर आर्यनगर में लोगों से दस-दस रुपये भी वसूले गए हैं। आठ साल से लेकर 32 वर्ष तक की बेटी से भी फार्म भरवाए गए हैं। फार्म भरवाते समय सरकार की ओर से दो लाख रुपये का अनुदान मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार केंद्र या राज्य सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। फार्म को भारत सरकार के नई दिल्ली शास्त्री भवन स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के कार्यालय के पते पर भेजा जा रहा है।
पढ़ी-लिखी पंचायतों को भी नहीं ज्ञान
खास बात यह है कि इन फर्जी फार्मों पर गांव के मुखिया के हस्ताक्षर करवाने की अनिवार्यता बताई जाती है। योजना की जानकारी लेने से पहले ही बिना पुष्टि के जिले के पढ़े-लिखे सरपंच भी इन फर्जी फार्मों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो पिछले दो महीने से लगातार यह फार्म भरे जा रहे हैं। इस प्रकार हो रहे फर्जीवाड़े में पढ़ी-लिखी पंचायतें भी आम नागरिकों को कुछ नहीं समझा पा रही है।
इन गांवों में फार्म भरने की हुई पुष्टि
गांव आर्यनगर में 1500 से अधिक फार्म भरे जाने की सूचना है। आर्यनगर के बस स्टैंड पर फोटोस्टेट की दुकान पर 10 रुपये प्रति फार्म सरेआम बिक रहे हैं। इसके अलावा गांव टोकस में 300 से अधिक फार्म, गांव पातन में 250 से अधिक फार्म, गांव रावलवास खुर्द में 100 से अधिक फार्म भरे जाने की जानकारी है। इसके अलावा जिले के हिंदवान, मुकलान और नियाना सहित कई अन्य गांवों में फार्म भरे गए हैं।
इस तरह की कोई योजना सरकार की ओर से नहीं चलाई गई है। यह पूरी तरह से फर्जीवाड़ा है। अगर कोई बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत दो लाख रुपये का अनुदान दिलाने की बात कह रहा है, तो यह पूरी तरह फर्जी है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सुनीता यादव, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग