अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। मोहना मंडी में बुधवार को 30 वर्षीय विवाहिता ने ससुराल जनों की प्रताड़ना से तंग होकर फंदा लगा लिया। मृतका महिमा के परिजनों की शिकायत पर पति राजन जिंदल, ससुर देवीराम जिंदल, सास सावित्री व ननद अनु के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है। राजन जिंदल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है। मृतका के पिता जयपुर निवासी अजय पौदार ने महिमा के ससुराल पक्ष पर उसको दहेज में एक करोड़ रुपये लेकर नहीं आने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
सिटी थाना पुलिस को दी शिकायत में जयपुर मुरलीपुरा निवासी अजय पौदार ने बताया कि उन्होंने अपनी बड़ी बेटी महिमा की शादी 25 जुलाई 2015 को मोहना मंडी निवासी देवी राम जिंदल के बेटे राजन जिंदल के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही उनकी बेटी ने बताया कि उसकी सास सावित्री देवी, ननद अनु व ससुर देवीराम दहेज कम लाने की बात कहकर उसे तंग व परेशान करते हैं। ससुराल जन ताने देकर कहते हैं कि तूने और तेरे घर वालों ने राजन को फंसा दिया। हमें हमारे सीए बेटे के लिए एक करोड़ रुपये व फ्लैट देने वाले तैयार थे, परंतु तुमने कुछ नहीं दिया। शादी के बाद अकसर वह 50 लाख रुपये व फ्लैट की व्यवस्था करने की मांग करते हुए महिमा को तंग करता। मेरी दूसरी बेटी चेतना की शादी में भी देवी राम के परिवार से कोई नहीं आया, ना ही मेरी बेटी महिमा को उसकी बहन की शादी में आने दिया। जब उसने बहन की शादी में भेजने की बात कही तो उसके साथ इन लोगों द्वारा मारपीट की गई।
बेटी का घर बस जाए, इसी वजह से चुप रहे
अजय पौदार के अनुसार उनकी बेटी के साथ लगातार प्रताड़ना हो रही थी। उसका पति राजन उसे गर्भावस्था में आखिरी सप्ताह में जयपुर छोड़कर आ गया। जब उनकी बेटी महिमा ने पुत्री कैंडी को जन्म दिया तो उसके ससुराल वाले बोले कि हमें बेटी नहीं, बेटे की जरूरत है। बेटी पैदा होने के एक साल बाद तक भी उन्होंने इनके बारे में कोई सुध नहीं ली। इसके बाद उन्होंने महिमा को दीपावली के मौके पर ससुराल भेजा तो उसकी सास और ननद ने गिफ्ट में सोने के जेवरों की मांग करते हुए उसे परेशान करना शुरू कर दिया। सुबह किया था पिता को फोन, बेटी कैंडी का ध्यान रखना
अजय ने बताया कि बुधवार सुबह उनके पास महिमा का फोन आया था। उनको बताया कि यहां पर मेरा जीवन सुरक्षित नहीं है, मेरे साथ कुछ भी हो सकता है। अगर मुझे कुछ हो जाए तो मेरी बेटी कैंडी का ध्यान रखना। महिमा के फोन के बाद हम सब घबरा गए। हमने राजन, उसके पिता देवीराम एवं सास सावित्री देवी को कई बार फोन किया, लेकन इन लोगों ने फोन नहीं उठाया। इस पर हम लोग जयपुर से यहां पहुंचे। यह आने पर पता चला है कि महिमा की मौत हो चुकी है और उसका शव नागरिक अस्पताल में है।
वीरवार शाम को हुआ अंतिम संस्कार
महिमा ने बुधवार को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रात तक उनके परिजनों के हिसार नहीं आने पर पुलिस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद वीरवार को परिजनों ने उसके ससुराल क्ष के लोगों पर दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद महिमा का शव उसके मायके वालों को सौंप दिया। देर शाम उसका अंतिम संस्कार हिसार में किया गया।