अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। बस स्टैंड पर महिला के गले से लॉकेट तोड़ने के मामले में आरोपी महिला को अदालत ने बुधवार को दोषी करार दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए महेंद्रगढ़ के गांव बैबाणा वासी महिला बिमला को दोषी करार दिया। दोषी महिला के खिलाफ सिटी थाना पुलिस ने 17 जुलाई 2017 को आईपीसी की धारा 379ए के तहत केस दर्ज किया गया था। दोषी महिला को तीन दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी।
घटना के दिन इस बारे में सिटी थाना पुलिस को शिकायत देकर हांसी के गांव मोठ वासी महिला धन्नी देवी ने बताया कि उस दिन वह हिसार बस स्टैंड पर आई हुई थी। जब वह बस में चढ़ने लगी तो भीड़ का फायदा उठाकर एक महिला गले में पहना हुआ सोने का लॉकेट तोड़कर फरार हो गई। महिला ने अपनी गोद में तीन साल की बच्ची को भी लिया हुआ था। इस बात की सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस ने बस स्टैंड पर छानबीन शुरू की तो आरोपी महिला को पकड़ लिया गया। इसके बाद धन्नी देवी ने पहचान करके बताया कि उसी ने उसका लॉकेट तोड़ा था। पुलिस ने छानबीन में आरोपी बिमला देवी के पास से लॉकेट बरामद करके जेल भेज दिया था।