हिसार। काम का गलत बिल बनाकर बिजली निगम को चूना लगाने के मामले में गिरफ्तार गांव कंवारी वासी कुलदीप ने पुलिस पूछताछ में फर्जीवाड़े में शामिल रहे कई अधिकारियों के नाम उगले हैं। जांच में कुलदीप ने बताया कि 14 करोड़ 60 लाख के इस घोटाले में कई बड़े अधिकारी भी शामिल रहें हैं। उन अधिकारियों ने गलत बिल बनाने से लेकर उसे पास करवाने तक उसका साथ दिया है। सूत्रों के अनुसार इन अधिकारियों ने इस फर्जीवाड़े में मोटा पैसा कमाया है। पुलिस अब इस केस में नामित बिजली निगम के अधिकारियों से पूछताछ करेगी। गिरफ्तार आरोपी कुलदीप के पांच दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी कुलदीप के खिलाफ निगम द्वारा जगमग योजना में टेंडर लेकर सामान का अधिक बिल बनाकर 14 करोड़ 60 लाख का चूना लगाने का आरोप है। आरोपी की कंपनी दूहन इलेक्ट्रिकल के खिलाफ बिजली निगम के एसई रजनीश गर्ग की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस थाने में 21 अगस्त को केस दर्ज हुआ था। केस की जांच डीएसपी अमरजीत कटरिया कर रहे है।
यह था मामला
निगम ने गांवों में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए टेंडर जारी किया था। इस काम मे पुरानी तारों को बदलना, खंभे लगाना आदि काम शामिल था। इस काम का टेंडर आरोपी की कंपनी को मिला था। इस कंपनी के कम काम करके ज्यादा के बिल बना दिए थे, जिसको लेकर निगम को शिकायत मिली थी। निगम की उच्च स्तरीय कमेटी की जांच में यह 14 करोड़ 60 लाख का फर्जीवाड़ा मिला था। इसमें निगम के कर्मचारी भी शामिल पाए गए थे
ये अधिकारी हुए थे सस्पेंड
डीएचबीवीएन के सीजीआरएफ सदस्य अनिल बुलान, हांसी ऑपरेशन सर्कल के एक्सईएन सुखबीर सिंह कंबोज, सातरोड सब डिविजन के एसडीओ ओपी बिश्नोई, हांसी में एसडीओ पोस्ट संभाल रहे जेई दीवान चंद, मुंढाल के एसडीओ सुरेंद्र कुमार, नारनौंद में एसडीओ पोस्ट पर तैनात जेई सुशील कुमार को सस्पेंड किया गया था