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रिश्वत मामला: इंस्पेक्टर सरोज बाला को झटका, नहीं मिली अग्रिम जमानत, लटकी गिरफ्तारी की तलवार

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
एडीजे अमित कुमार की अदालत में वीरवार को रिश्वत प्रकरण में महिला थाने की तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर सरोज बाला की अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने विजिलेंस का पक्ष सुनने के बाद आरोपी सरोज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अब उस पर गिरफ्तारी की तलवार और ज्यादा लटक गई है। आरोपी इंस्पेक्टर सरोज बाला ने मंगलवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सुनवाई के लिए वीरवार का दिन निर्धारित कर विजिलेंस को जवाब दावे के लिए नोटिस जारी किया था। आरोपी के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि रिश्वत सरोज बाला ने नहीं मांगी है और न वो रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गई है। वह ईमानदार अफसर है, उस पर झूठा आरोप लगा है। इसके अलावा विजिलेंस जो दरख्वास्त बरामद बता रही है, उसमें मुद्दई का नाम कुछ और लिखा है। इस पर डीएसपी शरीफ सिंह ने जवाब दिया कि नाम तो रेप की शिकायत देने वाली युवती भी बदलती रही है। इंस्पेक्टर सरोज आरोपी है। क्योंकि रंगे हाथ 70 हजार रुपये लेते पकड़े गए ईएचसी सुरेंद्र के पास न तो मामले से संबंधित फाइल थी और न वो मामले का आईओ था। वह तो ड्राइवर है, उसे कौन रुपये देगा। उसने एसएचओ के कहने पर ही रिश्वत ली थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट और कोर्ट के गेट के बाहर काफी संख्या में वकील खड़े थे। अदालत ने सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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यह है मामला
विजिलेंस ने डाबड़ा चौक के पास के एक होटल के मैनेजर राजेश कुमार की शिकायत पर 28 अप्रैल को महिला थाने के बाहर एसएचओ सरोज बाला के ड्राइवर सुरेंद्र को 70 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। फिर मोरका के बिचौलिए योगेश को पकड़ा था। राजेश ने शिकायत में कहा था कि फोन पर खुद को सिरसा की बताने वाली एक युवती ने उसे एक होटल में बुलाया था। वह वहां गया तो उसने नशा मिली कोल्ड ड्रिंक पिला दी थी। उसके बाद में एसएचओ सरोज बाला ने फोन कर कहा था कि थाने में आओ, तुम्हारे खिलाफ रेप की शिकायत आई है। वह गया तो मामला रफा-दफा करने के लिए तीन लाख रुपये मांगे गए थे। पुलिस युवती को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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