अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। जिले के उपमंडल हांसी के गांव सिसाय में 12 जुलाई 2016 को गांव के राम कुमार की हत्या के मामले में एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने सिसाय निवासी अशोक, रघुवीर व नरेंद्र को हत्या, मारपीट व अनुसूचित जाति अत्याचार के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत दोषियों को सजा का फैसला 29 मार्च को सुनाएगी।
पीड़ित पक्ष के वकील रजत कल्सन ने बताया कि मौजूदा मुकदमा मृतक रामकुमार के पोते बलवान सिंह के बयानों पर दर्ज हुआ था। पुलिस को दिए बयान में बलवान ने बताया था कि 11-12 जुलाई 2016 की दरमियानी रात को वह अपनी गली में खाट पर लेटा हुआ था। करीब 12 बजे रात को एक सफेद गाड़ी आकर रुकी। उसमें से दोषी नरेंद्र, रघुवीर व अशोक नीचे उतरे, जिन्होंने गाड़ी में से एक व्यक्ति को खींचकर गली में फेंक दिया। वह व्यक्ति रामकुमार था, जो मृत हालत में था। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि इसे उठाकर उसके घर फेंक आ। इस पर बलवान ने कहा कि तुम इसे मार कर लाए हो, मैं क्यों घर फेंक कर आऊं। इस बात पर तीनों दोषी आग बबूला हो गए और उन्होंने बलवान के साथ भी मारपीट की तथा उसे जातिसूचक गालियां देते हुए मौके से चले गए। इसके बाद सुबह मौके पर पुलिस ने आकर कार्रवाई की तथा आरोपियों के खिलाफ बलवान सिंह के बयानों पर थाना सदर हांसी में 12 जुलाई को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 323, 34, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर अशोक, रघुवीर व नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। करीब ढाई साल तक चले इस मुकदमे में अदालत ने सोमवार को तीनों को दोषी करार दिया। अदालत दोषियों को 29 मार्च को सजा सुनाएगी। पीड़ित पक्ष के वकील रजत कल्सन ने कहा कि इस मामले में अदालत से आरोपियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की जाएगी।
शराब के नशे में हुई थी कहासुनी
सभी दोषी और रामकुमार किसी समारोह में हांसी गए थे। वहां पर सभी ने शराब पी। शराब के नशे में रामकुमार और दोषियों के बीच किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गई। इस पर दोषियों ने पीट-पीटकर रामकुमार की हत्या कर दी।