अमर उजाला ब्यूरो
नारनौंद। मिर्चपुर कांड के सभी अभियुक्तों को दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ से एक सितंबर को अदालत में पेश होने का समय था। आज तक भी कोई भी अभियुक्त अदालत में पेश नही हुआ। मिर्चपुर गांव में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस की छह टीमें अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि बुधवार को सभी अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
वाल्मीकि बस्ती के घरों में आग लगाने के मामले में 24 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने 33 लोगों को सजा सुनाई थी। उसमें 12 लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। 11 को दो-दो साल व 10 लोगों को एक-एक साल की सजा सुनाई गई है। एक सितंबर को सभी अभियुक्तों को सरेंडर करना था। उस दिन किसी भी अभियुक्त ने अदालत में सरेंडर नहीं किया। पुलिस का कहना है कि पांच सितंबर को लगभग सभी अभियुक्त पेश होंगे। सभी को मंगलवार की रात तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 6 टीमें गठित की गई हैं। टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस की दो रिजर्व टुकड़ियां एहतियात के तौर पर गांव के बाहर खेड़ी चौक पर लगा रखी हैं।
ग्रामीणों से हुई बातचीत से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बुधवार को दिल्ली की अदालत में 21 लोग पेश हो सकते हैं। उम्रकैद की सजा पाने वाले अभियुक्त अभी पेश होने से बच रहे हैं। दो-दो साल व एक-एक साल की सजा पाने वाले सभी की पेश होने की संभावना हो सकती है।
नारनौंद थाना प्रभारी साधु राम ने बताया कि पुलिस की 6 टीमें गठित की गई हैं। लगातार गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बुधवार को संभावना है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
उम्रकैद की सजा पाने वाले अभियुक्त
कर्मबीर, राजपाल, धर्मवीर, प्रदीप, जोगल, सत्यवान, कुलविन्द्र, रामफल, पवन, राजेंद्र, संजय, प्रदीप
दो दो साल की सजा पाने वाले अभियुक्त
सत्यवान, धर्मबीर, रामबीर उर्फ नन्हा, दया सिंह, सुमित, मोनू, प्रदीप, अमित, सुनील, दीपक, विकास
एक एक साल की सजा पाने वाले अभियुक्त
राजेन्द्र, जसबीर, प्रदीप, रोशनलाल, जोखड़, सोनू उर्फ मोनू, कर्मपाल, जगदीश उर्फ जगल, बलवान, सतु