पुलिस ने 98 लोगों के खिलाफ किया था मामला दर्ज
हिसार। अप्रैल 2010 में नारनौंद पुलिस ने कुल 98 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट ने 57 लोगों पर अब यह मामला कोर्ट में चल रहा था। इनमें से चार की मौत हो चुकी है। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने तीन लोगों को पहले ही उम्रकैद और पांच लोगों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी। इसमें पांच साल की सजा के सभी दोषी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। अब उन लोगों को फिर से इस फैसले में शामिल किया गया है, जिसके बाद सभी लोगों में मायूसी है।
सजा पाने वाले चार लोगों की हो चुकी मौत
सजा पाने वाले चार लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें मिर्चपुर निवासी रिषि पुत्र सतबीर, बलजीत पुत्र इंद्र, बोबल पुत्र टेका और बलवान पुत्र धर्म सिंह आदि की मौत हो चुकी है।
अब गांव में पूर्ण रूप से भाईचारा कायम : बीरभान
वाल्मीकि समुदाय के बीरभान ने कहा कि अब गांव में पूर्ण रूप से भाईचारा कायम है। 36 बिरादरी के लोग भाईचारे के साथ गांव में रह रहे हैं। फैसले से निराशा हुई है। सजा कोर्ट पहले दे चुका था, उससे हम संतुष्ट थे। अब जो फैसला आया है, सही नहीं है। हम गांव में भाईचारा कायम रखने के पक्ष में हैं। ढंढूर में जो प्लॉट हमें मिले हैं, अगर हम वहां रहेंगे तो भी हम गांव के साथ भाईचारा कायम रखेंगे और ग्रामीणों के साथ बिगाड़ कर नहीं जाएंगे।
ईब तो रजाबंदी में फैदा सै : फूलकली
कुछ नई धरा बैर-विरोध में, ईब हम ठीक रहवा सै गाम में। ईब रजाबंदी में फैदा सै।
गाम के लोग ईब उन बातां नै भूल गए थे, गलत टेम पै फैसला आया है : तारा चंद
फैसले से गांव में मायूसी...
ग्रामीण छाजू राम, रामफल, अनिल, कृष्ण, सतबीर आदि ने बताया कि फैसला बिल्कुल उम्मीद के विपरीत आया है। इस फैसले से गांव में मायूसी है। ग्रामीणों का कहना है कि फैसला ऐसा होना चाहिए था, जिससे ग्रामीणों का भाईचारा और मजबूत होता। अब गांव में 36 बिरादरी के लोग मिलकर एक साथ काम कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन सतर्क : थाना प्रभारी
नारनौंद के थाना प्रभारी साधु राम ने बताया कि मामले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। फिलहाल गांव में शांति और मायूसी का माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल थाने व चौकियों में लगा दिया गया है।
हर पहलू से मामले पर नजर : ड्यूटी मजिस्ट्रेट
खेड़ी जालब के नायब तहसीलदार जोगिंद्र सिंह ने बताया कि एहतियात के तौर पर मामले पर प्रशासन की तरफ से मुझे ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया है। फिलहाल गांव में पूर्ण रूप से शांति है। हम हर पहलू से मामले पर नजर बनाए हुए हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ मे नहीं लेने दिया जाएगा।