फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

7 साल की सिमरन की दिलेरी से बची चाची की जान

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हांसी।
गांव महजद में बागवानी में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से दादा-दादी सहित पोते की मौत हो गई, लेकिन सात साल की एक बहादुर लड़की की सूझबूझ और दिलेरी से उसकी चाची रेखा की जान बच गई। जब उसका भाई, दादा-दादी और चाची पानी में डूब रहे थे तो वह करीब डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ती हुई गांव पहुंची जहां से वह ग्रामीणों को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची।
अपने पोते की जान बचाने के लिए दादा-दादी के कूदने के बाद उनकी बहू रेखा भी उन्हें बचाने के लिए डिग्गी में उतर आई थी। वह भी पानी में डूबने लगी। लेकिन मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने रेखा को बाहर निकाला। दुर्भाग्यवश इस घटना में दादा-दादी सहित पोते की मौत हो गई, लेकिन एक जान को बचा लिया गया। महिला रेखा की जान बचाने का श्रेय उसकी भतीजी सिमरन को जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह करीब 8 बजे योगेश अपने चचेरे भाई क्रिश (4) और सिमरन (7) के साथ खेल रहा था। योगेश खेलते हुए डिग्गी में जा गिरा। योगेश को बचाने के लिए दादा-दादी भी डिग्गी में कूद गए। जब वह स्वयं डूबने लगे तो योगेश की मां रेखा भी डिग्गी में उतर आई। वहीं इस दौरान डिग्गी के बाहर खड़ी सात वर्षीय बच्ची सिमरन व उसके भाई क्रिश ने शोर मचाया। चूंकि गांव से बाग की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर तक है, ऐसे में उनकी मदद करने कोई नहीं पहुंचा। सिमरन ने सूझबूझ दिखाते हुए गांव की ओर दौड़ी। इस दौरान उसका छोटा भाई क्रिश भी पीछे-पीछे आने लगा। सिमरन को बाग से गांव तक पहुंचने में करीब 15 मिनट लगे, जहां से वह ग्रामीणों को लेकर दोबारा घटनास्थल पर पहुंची। वहीं उसके भाई क्रिश को गांव में घर पर छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर चारों को बाहर निकाला। सिमरन की बहादुरी से रेखा की जान तो बच गई, लेकिन दादा-दादी सहित पोते की मौत हो गई। सिमरन गांव के ही सरकारी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें