अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
विजिलेंस टीम ने पलफ कंपनी में फंसे पैसे निकलवाने के नाम पर उद्योग-रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी के सुपरिंटेंडेंट कृष्ण कुमार को 25 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी का नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद उसे हवालात भेज दिया गया।
विजिलेंस टीम को पुष्पा रानी ने कुछ दिन पहले शिकायत दी थी। इसमें पुष्पा रानी ने कहा था कि पलफ कंपनी में सात लाख रुपये जमा कराए थे। कंपनी संचालक यह रुपये देने से इनकार कर रहा है। मामले की शिकायत दो महीने पहले डीसी निखिल गजराज को दी तो उन्होंने सुपरिंटेंडेंट कृष्ण कुमार को जांच के लिए अधिकारी नियुक्त किया था। महिला का आरोप है कि अधीक्षक कृष्ण कुमार दो महीने तक कार्यालय के चक्कर कटवाता रहा। उसने कंपनी से 21 दिसंबर को 50 हजार का चेक दिलाया। कृष्ण कुमार ने कहा कि जो भी पैसा मिलेगा, उसका 50 प्रतिशत रिश्वत के तौर पर देना होगा। कृष्ण ने पिछले सप्ताह दिलाए गए 50 हजार के चेक में से 25 हजार रुपये मांगे थे।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस एसपी ने इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम का गठन किया। इस टीम में सब इंस्पेक्टर सदानंद, एसआई कर्मबीर, जिले सिंह, गुरप्रेम, हवलदार हरजीत, गुरसेवक को भी शामिल किया। बीडीपीओ जयपाल तंवर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर शामिल किया। टीम ने महिला पुष्पा रानी को 25 हजार रुपये के नोट दिए। इसमें दो हजार के 12 और 500-500 के दो नोट पर पाउडर लगे दिए। महिला ने लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में कृष्ण को 25 हजार रुपये थमाए। नोट थमाने के बाद विजिलेंस टीम ने तुरंत वहां पर छापा मारकर कृष्ण कुमार को रंगे हाथों रिश्वत की राशि लेते हुए काबू कर लिया।