अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। स्टेट विजिलेंस द्वारा रिश्वत केस में पार्षदों की गिरफ्तारी के समय बस स्टैंड के सामने रोचक नजारा देखने को मिला, जब फतेहाबाद नगर परिषद पार्षद मनदीप कौर गिल उर्फ नीटू गिल रिश्वत के रुपये लेकर गाड़ी में बैठकर रवाना होने लगी तो विजिलेंस टीम ने उसकी गाड़ी को रुकवा लिया।
यह सारा वाकया एक वीडियो में वायरल हो गया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जैसे ही गाड़ी रुकी तो टीम ने पार्षद से रुपये व उसका फोन जब्त करने को कहा। यह सुनते ही पार्षद सकपका गई। उसने टीम के सदस्यों से पूछा कि आप हैं कौन और कैसे फोन जब्त करने की बोल रहे हैं। इस पर टीम ने उनसे कहा कि वह स्टेट विजिलेंस से हैं और आपको रिश्वत के केस में गिरफ्तार कर रहे हैं। इस दौरान पार्षद नीटू गिल पांच-पांच सौ के नोटों की गड्डियां हाथ में ही लिए हुई थीं। स्टेट विजिलेंस का नाम सुनते ही मैडम बोलने लगी कि उसने यह रुपये अपनी बहन की शादी की खातिर लिए हैं। इसके बाद पार्षद रोते हुए कहने लगी कि मैं परमात्मा की कसम खाकर कहती हूं, मैंने यह रुपये बहन की शादी की खातिर लिए हैं। इसके बाद पार्षद टीम के आगे हाथ जोड़कर रोने लगी और गाड़ी से बाहर आ गई। इसके बाद विजिलेंस टीम उसे अपनी गाड़ी में बैठाने के लिए ले जाने लगी। इसी दौरान वहां पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए और वीडियो बनाने लगे। जब बस स्टैंड के आगे यह हंगामा हो रहा था, तब नगर निगम के मेयर प्रत्याशी के लिए वोट करने की अपील करते हुए एक ऑटो वाला आ गया। जब आसपास की भीड़ ने हंगामे की वजह पूछी तो टीम ने बताया कि ये एक गाड़ी एक्सीडेंट करके भागने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए इनको हिरासत में लिया गया है। इसके बाद विजिलेंस टीम उनको वहां से अपने साथ लेकर चली गई। यह सारा वाकया एक वीडियो में वायरल हुआ है, हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।