हिसार। एक अप्रैल से शहर की सड़कों पर गोवंश घूमता मिला तो नगर निगम गोवंश के मालिक की कुंडली खंगालेगा। यही नहीं पशु मालिक के खिलाफ नशा तस्करों की तर्ज पर कार्रवाई की जाएगी। पशुपालक के घर का नक्शा जांचा जाएगा। अगर निर्माण सरकारी जमीन पर या अवैध मिलता है तो संपत्ति पर बुलडोजर चलाया जाएगा। नगर निगम व पुलिस प्रशासन ने अवैध पशु बाड़ा के मालिकों के साथ हुई बैठक में उन्हें गोवंश को सड़कों पर खुला छोड़ने को लेकर आखिरी चेतावनी जारी की। वहीं पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर पशु के कारण किसी व्यक्ति की जान जाती है तो पशु मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।
बता दें कि पिछले दिनों स्ट्रे कैटल सब कमेटी की बैठक में पशुपालन विभाग ने बताया कि शहर में 65 अवैध पशु बाड़े हैं, जिनमें 5 हजार से ज्यादा गोवंश हैं। इन पशु बाड़ों के मालिक ही गोवंश को सड़कों पर खुला छोड़ रहे हैं। इसके बाद निगम प्रशासन ने यह पशु बाड़ों की यह सूची कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को सौंपी थी। इसी बीच 18 मार्च को सेक्टर 14 में गोवंश के कारण हुए हादसे में घायल युवक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद नगर निगम व पुलिस प्रशासन की तरफ से पशु बाड़ों के मालिकों के साथ बैठक करने का फैसला किया गया।
अब खराब हो रही है स्थिति : निगमायुक्त
बैठक शुरू होते ही निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि पशु बाड़ा मालिक पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। निगम के प्रयासों को धता बताते हुए कर्मचारियों पर हमला करवाते हैं। हमने सकारात्मक प्रयास किए। सख्त कार्रवाई भी की। मगर पशुपालक मानने को तैयार नहीं हैं। गैर कानूनी गतिविधियां की जा रही हैं। लोग मर रहे हैं, लेकिन इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अब स्थिति खराब हो रही है। समय आ गया है कि अपने पशुओं को शिफ्ट कर लो।
नहीं सुधरे तो बहुत सारे विकल्प हैं : एसपी
पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने कहा कि स्थिति गंभीर है। प्रतिदिन हादसे हो रहे हैं। कोई मर जाता है तो कोई घायल हो जाता है। इसमें गलती गोवंश की नहीं, बल्कि आपकी है। इस चीज को समझे। यही नहीं पशुपालक सहयोग भी नहीं करते। कर्मचारियों पर हमला कर देते हैं। पिछले दिनों भी एक कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। नहीं सुधरे तो उनके पास बहुत सारे विकल्प हैं, अब सख्ती की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आपका अपना भी ऐसे हादसे का शिकार हो सकता है। यह सामाजिक जिम्मेदारी है। गंभीरता से सोचें।
पशुपालकों के खिलाफ ये होगी कार्रवाई
- पशु सड़क पर मिलने पर पशुपालक के घर का जांचा जाएगा नक्शा, अवैध मिलने पर नशा तस्करों की तर्ज पर होगी कार्रवाई।
- गोवंश के कारण किसी व्यक्ति की जान जाने पर पशुपालक के खिलाफ धारा 304 व 307 के केस होगा दर्ज।
- गोवंश को दौड़ाकर ले जाने वाले बाइक सवारों के वाहन किए जाएंगे जब्त, भारी जुर्माना भी होगा।
- बाड़े में जरूरत से ज्यादा पशु रखने पर पशुपालक के खिलाफ पशु क्रूरता के तहत दर्ज किया जाएगा मामला।
ये दिए आदेश
- पशुपालकों को अपने पशुओं की करवानी होगी टैगिंग
- उपलब्ध जगह के अनुसार ही गोवंश रखो, फालतू गोवंश को शहर के बाहर भिजवाओ
- सरकारी जमीन पर बनाए गए पशु बाड़ों को हटाएं
- पशु डेयरियों को लेकर करवाया जाएगा नया सर्वे
पशुपालक बोले-शहर में जगह-जगह घूम रहे हैं पशु, इकट्ठा करने के लिए समय चाहिए
बैठक में आए पशुपालकों ने कहा कि एकदम से उनके खिलाफ कार्रवाई न की जाए। शहर में जगह-जगह उनके पशु घूम रहे हैं, उन्हें इकट्ठा करने के लिए समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि निगम ने पहले डेयरियों के लिए जो सर्वे किया था, उनमें इन पशुपालकों को शामिल नहीं किया गया। पशुपालकों ने कहा कि डेयरी प्रोजेक्ट में उन्हें कम रेट पर प्लॉट उपलब्ध करवाए जाए ताकि वह प्लॉट खरीद कर अपनी डेयरियों को वहां शिफ्ट कर सके।
गोबर सीवर में डालने का मुद्दा भी उठा
बैठक में पशुपालकों द्वारा पशुओं का गोबर सीवर में डालने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि पशुपालक पशुओं का गोबर सीवर में डालते हैं, जिससे हर किसी को परेशानी होती है। पशुपालक निगम को बताए कि कहां-कहां गोबर डालने के लिए ट्रॉली की व्यवस्था करनी है, निगम वहां ट्रॉली की व्यवस्था कर देगा।