हिसार। नलवा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे अनिल मान ने हाल ही पार्टी से इस्तीफा देने वाले प्रो. संपत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके चार पेज के पत्र में कई तथ्यों को छिपाया गया है। मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा कि संपत सिंह ने यह नहीं बताया कि 2019 के चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा ने जब उन्हें तवज्जो नहीं दी, तब वे वापस कांग्रेस में लौट आए। उनका पूरा राजनीतिक सफर अवसरवाद और व्यक्तिगत स्वार्थ का प्रतीक रहा है। मान ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी जयप्रकाश का साथ देने के बजाय संपत सिंह ने प्रचार से दूरी बनाए रखी। मान ने कहा कि जब कोई व्यक्ति नई पार्टी में शामिल होता है तो उसकी वरिष्ठता वहीं से गिनी जाती है, लेकिन संपत सिंह ने कुमारी सैलजा का नाम लेकर सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की छवि खराब करने और दोनों नेताओं के बीच दूरी बढ़ाने की कोशिश की है।