लघु सचिवालय में काम कराने के लिए पहुंचे लोग।
हिसार। करीब 41 दिन बाद वीरवार को सरकारी कार्यालयों में लिपिकों ने काम शुरू किया तो पहले दिन ही लाइसेंस, प्रमाणपत्र बनवाने और रजिस्ट्री करवाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। लघु सचिवालय स्थित ई दिशा केंद्र, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, डीसी कार्यालय, एडीसी कार्यालय में काफी आवेदक पहुंचे। वीरवार को जिले में करीब 605 टोकन काटे गए, जिसमें 385 ने अप्वाइंटमेंट बुक किया। इस दौरान 199 रजिस्ट्रियां हुईं।
लिपिकों की हड़ताल खत्म होने के बाद कर्मियों ने वापस कार्यभार संभाल लिया। वीरवार सुबह से ही आम लोग ई दिशा केंद्र में पहुंचने लगे। करीब दस बजे तक कार्यालयों में आवेदकों की लाइन लग गई। लिपिकों को दोपहर देर शाम तक काम करना पड़ा। शाम छह बजे तक कार्यालयों में काम किया गया। तहसील कार्यालय में शाम 7 बजे तक कर्मचारी काम करते नजर आए। बता दें कि 5 जुलाई को लिपिक हड़ताल पर चले गए थे। जिसके बाद ई दिशा केंद्र, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, डीसी कार्यालय ,राजस्व कार्यालय, एडीसी कार्यालय, खाद्य आपूर्ति विभाग सहित अन्य कार्यालयों के कर्मी हड़ताल पर चले गए थे। जीजेयू के कर्मचारियों न भी हड़ताल में हिस्सा लिया।
रविवार को बैठक में लिपिक लेंगे फैसला
हड़ताल खत्म होने के बाद भी लिपिकों में रोष है। लिपिकों ने रविवार को एक बार फिर से बैठक बुलाई है। इसमें आंदोलन को दोबारा से शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा। लिपिक अब भारतीय मजदूर संघ से नाता तोड़ना चाहते हैं। लिपिक दूसरे कर्मचारी संगठन से जुड़ने के बारे में फैसला लेंगे। लिपिकों ने कहा कि बीएमएस ने लिपिकों के साथ धोखा किया हैए जिसे सहन नहीं किया जाएगा। लिपिकों ने कहा कि हड़ताल के दिनों की छुट्टी काटना सही नहीं है। इन दिनों को काम के तौर पर स्वीकार किया जाए।
हरियाणा स्टाफ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान हितेंद्र सिहाग ने कहा कि लिपिक वर्ग के साथ षड्यंत्र के तहत धोखा किया है। हेमसा लिपिकों की मांग को लेकर उनके साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि बीएमएस ने सरकार के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कर्मियों के साथ धोखा किया है। 18 अगस्त पर अंबाला, फरीदाबाद में प्रदर्शन करेंगे। 28 को हिसार मंडल स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों को जी माधवन की कमेटी की सिफारिश के अनुसार पंजाब के समान वेतन दिया जाए। हेमसा ने भी 12 जुलाई से हड़ताल की थी।