हांसी। नागरिक अस्पताल में दिव्यांग, मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। अस्पताल में दो लिफ्ट लगेंगी। इसके लिए मुख्यालय से ड्राइंग तैयार होकर आ गई है। लोक निर्माण विभाग को लिफ्ट लगवाने की जिम्मेदारी मिली है। विभाग अब इनके लिए एस्टीमेट तैयार करेगा।
नागरिक अस्पताल का शिलान्यास मार्च 1979 में तत्कालीन मुख्यमंत्री देवीलाल ने किया था। अस्पताल 1982 में बनकर तैयार हुआ। मुख्यमंत्री भजन लाल ने अप्रैल 1983 में इसका उद्घाटन किया था। 50 बेड का नागरिक अस्पताल दो मंजिला है। पहली मंजिल पर लेबर रूम, दो जनरल वार्ड और ऑफिस है। दूसरी मंजिल पर ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, वार्ड और स्टोर रूम है। पहली और दूसरी मंजिल पर जाने के लिए सीढ़ियां और रैंप है। ऊपरी मंजिलों पर जाने के लिए अभी तक इनका ही प्रयोग हो रहा है। दिव्यांगों, गंभीर मरीजों, घायलों और गर्भवती महिलाओं को इससे परेशानी होती है। ऐसे गंभीर मरीजों व बुजुर्गों को अब पहली और दूसरी मंजिल पर जाने के लिए सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लिफ्ट लगाई जाएगी। एक लिफ्ट दिव्यांगों, मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए जबकि दूसरी लिफ्ट केवल कोविड पीड़ितों के लिए आरक्षित होगी। कोविड पीड़ितों के लिए लिफ्ट निर्धारित समय के लिए आरक्षित होगी। भविष्य में इसके प्रयोग को लेकर कोई और फैसला लिया जाएगा।
रैंप की तरफ केबिन के सामने लगेंगी
अब तक की प्लानिंग के अनुसार लिफ्ट रैंप की तरफ से आयुष्मान भारत के केबिन के सामने की जगह पर लगाई जाएगी। अस्पताल के भवन के निर्माण के समय लिफ्ट लगाने का प्रावधान नहीं था। इसीलिए अलग से कोई जगह भी नहीं छोड़ी गई। लिफ्ट लगाने की योजना के तहत अब विभाग की तरफ से जगह तय कर दी गई है।
ऑल हरियाणा दिव्यांग संघर्ष समिति के प्रयासों से मिली मंजूरी
नागरिक अस्पताल में लिफ्ट लगाने की मंजूरी ऑल हरियाणा दिव्यांग संघर्ष समिति के प्रयासों से मिली। समिति ने आयोग को शिकायतें देकर सरकारी भवनों में लिफ्ट की सुविधा मुहैया कराने की मांग की थी। मांग पत्रों में समिति ने कहा कि लिफ्ट न होने से दिव्यांगों को ऊपरी मंजिलों पर जाने में खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती है। जिस पर आयोग ने सरकार को सरकारी भवनों में लिफ्ट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अस्पताल में दो लिफ्ट लगाने की मंजूरी मिल गई। मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने अपने चीफ ऑर्किटेक्ट को ड्राइंग तैयार करने के लिए कहा। विभाग के पास ड्राइंग तैयार होकर आ गई है। अब लिफ्ट पर आने वाले खर्च का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।