नगर परिषद की हाउस की बैठक 9-10 नवंबर को हो सकती है। बैठक के लिए नगर परिषद चेयरमैन ने पार्षदों को पत्र लिख एजेंडे मांगे हैं। बैठक में वार्डों के विकास के लिए विभिन्न कार्यों की डिमांड व वार्ड की प्रमुख समस्याओं को एजेंडे में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही शहर की सबसे प्रमुख समस्याओं के समाधान व शहर की व्यवस्था सुधार के लिए इस हाउस की बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा।
वहीं शहर के विकास के लिए सभी नगर पार्षदों से एजेंडे के लिए सुझाव लिए जा रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या हाउस की बैठक बगैर हंगामों के होगी या नहीं। पिछली बार 2 सितंबर 2022 को हुई हाउस की बैठक में भाजपा समर्थित पार्षदों ने हंगामा कर दिया था, लेकिन इस बार रुझान में कुछ बदलाव आया है। एक सप्ताह पूर्व हुए पेमेंट अप्रूवल कमेटी के चुनाव के दौरान भाजपा समर्थित पार्षद भी बागी होकर विधायक के विरोध में खड़े हो गए थे।
कयामसर झील को पर्यटक स्थल बनाने पर होगा मंथन
नगर परिषद चेयरमैन प्रवीन एलावादी ने बताया कि शहर के सुंदरीकरण के लिए कयामसर झील को पर्यटक स्थल बनाने पर विचार करेंगे। समाधा रोड पर कयामसर झील के पास बने अस्थायी डंपिंग स्टेशन के सारे कचरे को यहां से उठाया जाएगा। चेयरमैन ने कहा कि हाउस की बैठक में इस प्रस्ताव को भी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ पार्षद ने अभी तक अपने एजेंडे नहीं दिए जिस कारण बैठक 9 व 10 नवंबर को बैठक हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ शहर के विकास के कई बड़े प्रस्ताव बैठक में सभी पार्षदों की सहमति से पास किए जाएंगे।
शहर की छोटी बड़ी सभी समस्याएं होंगी एजेंडों में शामिल
- नगर पार्षद के एजेंडे में उनके वार्ड की छोटी से लेकर बड़ी समस्या को शामिल किया जाएगा। इन समस्याओं को लेकर पार्षद निरंतर शिकायत देते हैं, उनके संबंध में अधिकारियों से भी समीक्षा की जाएगी। पार्षदों द्वारा पिछली हाउस की बैठक में दिए गए एजेंडों की रिपोर्ट मांगी जाएंगी। इस बैठक से शहरवासियों को उम्मीद है कि उनके पार्षद वार्ड के विकास के लिए कुछ एजेंडे पास करवाएंगे। इसके साथ ही बीड़ फार्म के पास 17 एकड़ 1 मरला जगह में बनने वाले डंपिंग स्टेशन के मामले पर भी विचार-विमर्श होगा। चेयरमैन ने बताया कि इस डंपिंग स्टेशन तक जाने के लिए पक्के रास्ते के निर्माण का टेंडर भी लगा दिया गया है।
पहली हाउस की बैठक हुआ था विरोध
2 सितंबर 2022 को हुई नगर परिषद की पहली हाउस मीटिंग का भाजपा पार्षदों ने विरोध कर दिया था। भाजपा से जुड़े पार्षद मीटिंग में ही नहीं गए थे। भाजपा समर्थित पार्षदों ने कहा था कि एजेंडे में विकास कार्यों को शामिल नहीं किया गया। इसलिए उन्होंने बैठक का विरोध किया है।