हिसार। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एनके तोमर की नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने गांव तलवंडी के लोगों को स्थायी रोड देने के लिए फिजिकल सर्वे किया। इसमें ग्रामीणों की तरफ से सुझाए गए विकल्प के अलावा बीएंडआर की तरफ से दिया जा रहा विकल्प भी शामिल रहा। दोनों विकल्पों के सर्वे के बाद तैयार की गई रिपोर्ट को चीफ इंजीनियर अपने साथ ले गए। वह इस रिपोर्ट को उपमुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जहां इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उधर 16वें दिन भी ग्रामीणों का धरना जारी रहा।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एनके तोमर बुधवार को हिसार पहुंचे। उनके साथ पीडब्ल्यूडी के एक्सईन रजनीश, सचिन भाटी, एसडीओ दलबीर राठी, तहसीलदार एचके गुप्ता भी मौजूद रहे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने ग्रामीणों की रोड की मांग को लेकर एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें एयरपोर्ट के सुरक्षा नियमों को लेकर जानकारी ली। सभी मैप का मुआयना किया। साथ ही एयरपोर्ट के भविष्य में होने वाले विस्तार सहित अन्य जानकारी भी जुटाई। बाद में अधिकारियों ने संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट ओपी कोहली के साथ मौके का मुआयना किया, जिसमें बंद की गई सड़क का निरीक्षण भी किया।
ग्रामीणों के सुझाए वाले रास्ते में आ रही सात विभागों की जमीन
सूत्रों की मानें तो ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें एमटू होटल से धांसू रोड बॉटलिंग प्लांट और यहां से आगे एयरपोर्ट की चहारदीवारी के साथ-साथ एनएच 9 तक रोड बनाकर दिया जाए। इसमें डीसीएम, डीसी हिसार, गोशाला, वन विभाग, एयरपोर्ट, जीएलएफ व निजी जमीन आती है। इस रास्ते की लंबाई करीब 4.7 किलोमीटर बनती है। वहीं बीएंडआर की तरफ से सुझाए के अनुसार तलवंडी राणा व धांसू के बीच से एनएच 9 तक रोड बनाया जा सकता है। इस रोड में डीसीएम, गोशाला व वन विभाग की जमीन आती है। इसकी लंबाई 2.2 किलोमीटर है। उधर बीएंडआर की तरफ से सुझाए गए विकल्प पर ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में एयरपोर्ट का विस्तार होने पर इस रोड को भी बंद करना पड़ेगा। इसी कारण वह अपनी मांग पर अड़े हैं।
राजस्व विभाग से लिया ब्योरा..
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से जमीन का ब्योरा जुटाया। जिसमें ग्रामीणों की ओर से दिए गए विकल्पों की जमीन का मालिकाना हक, रेवेन्यू रिकॉर्ड लिया।