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Hisar News: खेल नर्सरियों के नियमों में किए बदलाव, 15 मार्च तक करें आवेदन

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हिसार। खेल विभाग की ओर से एक अप्रैल से जिले में खेल नर्सरियां शुरू की जाएगी। इसको लेकर ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 मार्च है। मगर खेल विभाग की ओर से जारी पत्र में कुछ नियमों में बदलाव किए हैं। अभी तक नर्सरी में प्रशिक्षण देने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी या सिर्फ एमपीएड, बीपीएड या फिर डीपीएड वाले ही योग्य माने गए थे। इस बार राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी या फिर ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी खेले होने के साथ-साथ एमपीएड, बीपीएड या फिर डीपीएड होना जरूरी है। इसके अलावा जूनियर इंटरनेशनल मेडलिस्ट खिलाड़ी भी नर्सरी में अभ्यास करवाने के लिए क्वालीफाई माना जाएगा।
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नर्सरी के लिए 15 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करवा सकते हैं। खेल विभाग की ओर से कमेटी गठित की जाएगी। इसमें खेल विभाग के अधिकारी से लेकर कोच को शामिल होंगे। कोच की ओर से खेल नर्सरियों की फिजिबिलिटी जांची जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। मानकों पर खरा उतरने वालों को ही नर्सरी चलाने की अनुमति होगी। हालांकि जिले में कितनी खेल नर्सरियां खोली जाएगी, अभी तक मुख्यालय से कोई पत्र नहीं मिला है। पूरे हरियाणा में 1500 खेल नर्सरियां खोली जाने की बात कही जा रही हैं।
वहीं, अभी तक प्रतीक्षा सूची में पांच खिलाड़ी रखे जाते थे। मगर इसको बढ़ाकर अब 10 कर दिया गया है। साल में एक बार खेल विभाग की ओर से इंटर नर्सरी जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता करवाई जाएगी। लाडवा से हैंडबाल कोच महावीर पूनिया और अशोक पूनिया ने बताया कि उन्होंने खेल नर्सरी के लिए आवेदन किए हुए है। विभाग की ओर से मांगे गए सभी मानक पूरे हैं।
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कोच नहीं मार सकेंगे फरलो
नर्सरियों में अभ्यास करवाने वाले कोच पर खेल विभाग के अधिकारी नजर रखेंगे। अभी तक कोच रजिस्टर में ही हाजिरी लगा रहे थे। मगर अब एप के माध्यम से भी उनकी हाजिरी लगेगी। ऐसे में अब कोच फरलो नहीं मार सकेंगे। यदि कोई कोच ज्यादा छुट्टी लेता है तो उसके वेतन में कटौती की जाएगी। हर माह कोच और अभिभावकों की मीटिंग होगी। इसमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बारे में बताया जाएगा, ताकि अभिभावकों को भी पता चल सके।



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15 मार्च तक नर्सरियों के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके बाद मुख्यालय के आदेश पर नर्सरियों में फिजिबिलिटी जांचने के लिए जाएंगे। इसको लेकर कमेटी बनाई जाएगी। नियमों पर खरा उतरने वाले ही नर्सरी चला सकेंगे। - जगदीप सिंह, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी
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