हिसार में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में जींद के तत्कालीन डीएसपी कप्तान सिंह के गनमैन द्वारा कथित रूप से पिस्तौल से गोली मारकर अपनी पत्नी की हत्या करने के मामले में अदालत ने डीएसपी समेत 9 पुलिस कर्मचारियों की कॉल डिटेल और लोकेशन तलब करने के आदेश दिए है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने पुलिस को आदेश दिए हैं कि शस्त्रागार के कौथ रजिस्टर, जिस पर ओवरराइटिंग पाई गई है, इसे भी पुलिस फाइल में रखा जाए। अब मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
इस बारे में शिकायतकर्ता विकास ने अपने अधिवक्ता मनमोहन राय की मार्फत 23 अक्टूबर 2023 को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 91 केे तहत आवेदन कर आरोपी विक्रम, मृतका रिंकू, डीएसपी कप्तान सिंह, शहर थाना के तत्कालीन प्रभारी विनोद कुमार, एएसआई सतपाल सिंह, एएसआई सुमन कुमार, एएसआई सुमेर सिंह, एएसआई रविंद्र, सीन ऑफ क्राइम के इंचार्ज डॉ. अजय, डीएसपी अशोक कुमार, हवलदार बनवारी लाल की कॉल डिटेल व लोकेशन और कौथ रजिस्टर रिकॉर्ड की प्रतियां मांगी थी।
इसके जवाब में पुलिस ने कहा कि उक्त सभी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल व लोकेशन ले ली गई थी लेकिन इनको पुलिस फाइल में नहीं रखा गया। इस जवाब पर अदालत ने इन सभी की कॉल डिटेल और लोकेशन को पुलिस फाइल में रखने के आदेश जारी किए है।
पुलिस ने गोली का बना दिया था सोटा
एफआईआर के अनुसार जींद के तत्कालीन डीएसपी कप्तान सिंह के गनमैन कांस्टेबल विक्रम ने 14 अप्रैल 2020 को पत्नी रिंकू की हत्या कर दी थी। जांच के बाद जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या सोटा मार कर की थी। मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के सिर पर दो प्रवेश घावों का और दो निकास घावों का जिक्र है। 19 मई 2020 को प्राप्त हुई एफएसएल रिपोर्ट में इन घावों को गोली लगने के घाव बताया गया। मेडिकल बोर्ड ने 12 सितंबर 2020 व 21 नवंबर 2020 को दो बार अपनी राय दी और मौत का कारण गोली लगना बताया। इसके बावजूद पुलिस सोटे पर ही अड़ी रही।
हिसार एसपी ने की थी मामले की फिर से जांच
इसके बाद अदालत ने मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए तो विभागीय जांच में जांच अधिकारी एएसआई रविंद्र व तत्कालीन थाना प्रभारी विनोद कुमार के खिलाफ जांच भी की जिसमें डीएसपी भारती डबास ने दोनों को गलत जांच करने का दोषी पाया। इसके बाद मामले की दोबारा जांच डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने की। इस दौरान डीएसपी कप्तान सिंह (जिसके पास आरोपी विक्रम गनमैन था) का हिसार स्थानांतरण हो गया। इसके बाद अदालत ने 14 अक्तूबर 2022 को आदेश जारी कर आईपीएस अधिकारी से जांच करवाने के आदेश दिए। इसके बाद एएसपी पूजा वशिष्ठ ने मामले की जांच की और बाद में हिसार के तत्कालीन एसपी गंगाराम पूनिया ने जांच की और यह निष्कर्ष निकला कि आरोपी विक्रम ने गोली मारकर अपनी पत्नी की हत्या की थी। जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय सर्विस रिवॉल्वर विक्रम के पास था और फिर उसको घटना वाले दिन ही शस्त्रागार में जमा करवाया गया।