हिसार। रोडवेज में पहुंची बीएस-6 की बसें एक सप्ताह बाद भी नहीं दौड़ पाई। अब इन बसों को 1 अक्तूबर से चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इन बसों पर अस्थायी नंबर होने के कारण अभी दिल्ली नहीं भेजा जाएगा। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार जिन-जिन रूटों पर बसें चलाने की डिमांड आ रही है, वहां चलाई जाएंगी। इसके अलावा शुरुआत में इन बसों को हिसार से सिरसा, फतेहाबाद, बहादुरगढ़, रोहतक सहित अन्य रूटों पर भी भेजा जा सकता है। रोडवेज वर्कशॉप में खड़ी बीएस-6 बसों की चेकिंग की जा रही है। डिपो में पहुंची 6 बसों को 1 अक्तूबर से दौड़ाया जाएगा। वर्तमान में बीएस-4 और 3 की 14 बसों हिसार से दिल्ली जा रही हैं। मगर अधिकारियों के अनुसार एक अक्तूबर से इन बसों को दिल्ली नहीं भेजा जाएगा।
दो बसें लाने के लिए आज भेजे जाएंगे ड्राइवर
रोडवेज को पहले चरण में बीएस-6 की 8 बसें मिलीं थी। इनमें से 6 बसें एक सप्ताह पहले पहुंच गई। अभी दो बसें आनी बाकी हैं। इन बसों को लाने के लिए शुक्रवार को हिसार से ड्राइवर भेजे जाएंगे। देर रात तक बसें हिसार डिपो में पहुंच जाएंगी।
हिसार से स्याहड़वा, कालवास, रावतखेड़ा होकर तलवंडी जाने वाली बस बंद
उधर, शाम को साढ़े छह बजे हिसार से स्याहड़वा, कालवास, रावतखेड़ा होकर तलवंडी जाने वाली बस बंद कर दी गई। इससे विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्हें ऑटो में सफर करना पड़ रहा है। इससे उनकी जेब पर असर पड़ रहा है। बस की समस्या को लेकर विद्यार्थी बुधवार को जीएम और टीएम से मिलने पहुंचे, लेकिन दोनों ही नहीं मिले। अब विद्यार्थी सोमवार को रोडवेज अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
विद्यार्थी दिलबाग बिश्नोई, मोहित डूडी, राहुल, राधेश्याम, दीपक, रींकू, सुनील, अमित, शोभित, सोनू, धर्मवीर, संदीप ने बताया कि शाम को साढ़े छह बजे चलने वाली बस डेढ़ माह पहले ही शुरू की थी। 15-20 दिन तक बस चलाई गई। उसके बाद बस बंद कर दी गई। इसके अलावा दोपहर को इसी रूट पर 3.20 बजे जाने वाली बस भी कोरोनाकाल से बंद है। विद्यार्थियों का कहना है कि बसों की सुविधा न मिलने के कारण उन्हें घर से आने और जाने के दौरान परेशानी होती है। सभी विद्यार्थियों के पास बनने के बावजूद उन्हें बस की सुविधा नहीं मिल रही है। उल्लेखनीय है कि बसों की समस्या को लेकर विद्यार्थी कई बार रोड जाम कर चुके हैं।