हिसार। 10 दिन से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त कराने के लिए नगर पालिका कर्मचारी संघ की राज्य कार्यकारिणी के साथ शुक्रवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बैठक की। करीब एक घंटे तक चली यह बैठक बेनतीजा रही।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार चंडीगढ़ में औपचारिक रूप से बैठक बुलाए, जिसमें अधिकारी भी मौजूद रहें। साथ ही बैठक की कार्यवाही भी लिखी जाए। साथ ही उन्होंने सरकार को बातचीत के लिए शनिवार तक का अल्टीमेटम भी दिया। वहीं निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता का कहना है कि कुछ कर्मचारी नेता बातचीत को सिरे नहीं चढ़ने दे रहे। आज भी मीटिंग छोड़कर बीच में चले गए। सरकार बातचीत के लिए तैयार है। मगर अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि इससे पहले 19 अक्तूबर को संघ के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में निकाय मंत्री के साथ बातचीत की थी, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। मगर उस दौरान भी बैठक बेनतीजा रही थी।
इन मांगों पर हुआ विचार-विमर्श
संघ के पदाधिकारियों की मानें तो संघ के प्रधान नरेश शास्त्री के पास वीरवार रात को बैठक के लिए कॉल आई थी। बैठक का समय दोपहर 12 बजे दिया गया था। इसी के तहत शुक्रवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. गुप्ता के साथ मांगों को लेकर बातचीत हुई। पदाधिकारियों के मुताबिक उनकी मांगों पर डॉ. कमल गुप्ता ने ये जवाब दिए।
मांग-कौशल रोजगार को बंद कर दिया जाए।
मंत्री-एक बार इस मांग को छोड़ दो और आगे बढ़ो।
मांग-दमकल विभाग को निकाय से अलग न किया जाए, क्योंकि दोनों विभागों का मंत्री व निदेशक एक ही है।
मंत्री-देख लेंगे। विचार कर लेंगे।
मांग-24 मई 2020 को तत्कालीन निकाय मंत्री अनिल विज के साथ हुई बातचीत में फैसला हुआ था कि सफाई कर्मचारियों को 4 हजार व दमकल कर्मचारियों को 5 हजार रुपये जोखिम भत्ता दिया जाएगा। मगर आज तक इसे लागू नहीं किया गया।
मंत्री-यह फैसला अनिल विज ने किया था तो वो ही जाने। वैसे दमकल कर्मचारियों को एक हजार रुपये जोखिम भत्ता देने की फाइल चली हुई है। सफाई कर्मचारियों से 5 वार्डों में सफाई करवाई जाएगी। सबसे अच्छा कार्य करने वालों को 2 हजार रुपये, बीच वालों को एक हजार व सबसे नीचे रहने वालों को कुछ भी नहीं दिया जाएगा।
यूनियन-यह तो प्रोत्साहन राशि होगी, जोखिम भत्ता नहीं।
मांग-कच्चे कर्मचारियों को पक्का व नियमित भर्ती की जाए।
मंत्री-इस बारे में पॉलिसी बनाएंगे और लागू करेंगे।
यूनियन-कब करोगे।
मंत्री-कोई जवाब नहीं दिया।
मांग-कोरोना काल में जान गंवाने वाले सफाई कर्मचारियों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
मंत्री- प्रदेश में दो ऐसे सफाई कर्मचारी हैं, जिनकी कोरोना काल में मौत हुई। उन्हें 50 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए फाइल चलाई हुई है।
यूनियन- प्रदेश में ऐसे कर्मचारियों की संख्या करीब 12 है।
मंत्री- डाटा ठीक कर लीजिए, फिर बातचीत की जाएगी।
जिद पर अड़े हुए हैं कर्मचारी : डॉ. गुप्ता
बैठक के बाद प्रेस से बातचीत में डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि आज कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए आया था। हमने बातचीत की कोशिश भी की थी, लेकिन वह जिद पर अड़े रहे कि हमारी ऑफिशियल मीटिंग बुलाई जाए। अधिकारियों के साथ मीटिंग बुलाई जाए ताकि हमारी मांगों का समाधान किया जा सके। कमल गुप्ता ने कहा कि हमने 19 अक्तूबर को अधिकारियों के साथ बैठकर मीटिंग की थी, जिसमें 9 मांगों पर सहमति बनी थी। मगर वह कई मांगों पर अड़े हुए हैं। कुछ कर्मचारी नेता बातचीत को सिरे नहीं चढ़ने दे रहे हैं। सरकार बातचीत के लिए तैयार है। कभी मना नहीं किया। अगर किसी ने अवरोध खड़ा किया तो कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। लोकतंत्र में विरोध करने का सभी के पास अधिकार है, लेकिन जैसे यह कूड़ा उठाने वाले वाहनों के टायरों में सुआ घोंप रहे हैं। वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगी।
संघ के प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में नगर पालिका कर्मचारी के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, वरिष्ठ उप प्रधान रमेश तुषामड़, महासचिव मांगेराम तिगरा, उप महासचिव सुनील चंडालिया, उपप्रधान राजेश बागड़ी, राज्य सह सचिव शारदा, नरेश मलकट, कोषाध्यक्ष महेंद्र संगेलिया शामिल रहे।