हिसार। भारत बंद के चलते शुक्रवार को न तो घरों से कचरे का उठान न ही सड़कों पर झाड़ू लगा। शहर में करीब 180 मीट्रिक टन कचरा फैला रहा। जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने शहर के ज्यादातर एरिया में पेयजल सप्लाई बाधित रखी। वहीं रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम से करीब दिनभर 210 बसों के पहिये थमे रहे। वर्कशॉप के गेट के पास यूनियन के सदस्यों ने धरना देकर नारेबाजी की।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बिजली निगम के कर्मियों के शामिल होने से कुछ स्थानों पर बिजली शिकायत दर्ज कराने में दिक्कत आई। किसान संगठनों ने जिले के लांधडी, रामायण, चौधरीवास, बाडो पट्टी और बास टोल पर जाम लगाकर करीब तीन घंटे के लिए वाहनों को फ्री गुजारा। इससे पांचों टोल पर करीब 10.9 लाख का राजस्व नुकसान हुआ है। बरवाला में रोड जाम कर किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया।
रोडवेज कर्मियों के चक्का जाम के कारण लंबे रूट पर बसें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। रोडवेज हिसार डिपो की 256 बसें में से 210 बसें रूटों पर नहीं दौड़ीं। हड़ताल के दौरान निजी ऑपरेटर व सहकारी समितियों की करीब 228 से अधिक बसें सवारियों का सहारा बनीं। हरियाणा परिवहन समिति के जिला संयोजक श्रीपाल खेड़ी ने बताया कि सवारी कम होने के कारण 50 प्रतिशत बसें ही अपने निर्धारित रूट पर चलीं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी महासंघ के डिपो प्रधान राजबीर दूहन ने बताया कि रोडवेज प्रशासन ने कुछ बसें रात को पुलिस लाइन में खड़ी करवाई, उन बसों को ही चलाया गया। बस स्टैंड के अंदर से काेई बस रवाना नहीं हुई।
वहीं रोडवेज महाप्रबंधक डॉ. मंगल सैन का दावा है कि 140 बसों का संचालन सुचारू रूप से किया गया है। लंबे रूट पर सूरतगढ़, दिल्ली, पोटा साहिब, चंडीगढ़ सहित अन्य रूटों पर बसें भेजी गई हैं। 909 कर्मचारियों में से करीब 482 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हालांकि शाम करीब साढ़े 4 बजे रोडवेज की बसों को नियमित चला दिया गया।
हड़ताल व मोबाइल पर इंटरनेट-एसएमएस सेवा बंद होने से निगम कार्यालय में प्राॅपर्टी टैक्स सहित अन्य काम नहीं हुए। हड़ताल के कारण बेसहारा पशु पकड़ने का अभियान भी शुरू नहीं हो सका। वार्ड 11 से 20 में एजेंसी के माध्यम से घरों से कचरा उठाने के कार्य का शुभारंभ भी स्थगित करना पड़ा।
रवाना नहीं हो सके माल से भरे 1500 ट्रक
ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रदेश महासचिव कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि करीब 5000 ट्रक में से 3500 से अधिक दिल्ली, पंजाब के बार्डर या अन्य स्थानों पर फंसे हैं। हड़ताल के कारण शुक्रवार को रवाना होने वाले माल से भरे 1500 से अधिक ट्रक के पहिए थमे रहे। एक ट्रक के एक दिन खड़ा होने पर करीब 5 हजार रुपये का नुकसान होता है। हमारे करीब 3500 ट्रक पिछले 5 दिन से अलग-अलग स्थानों पर रुके हैं।
पांचों टोल पर 10.9 लाख का नुकसान...
एनएचआई के अधिकारियों के अनुसार हिसार रामायण टोल प्लाजा पर 2.85 लाख, लांधड़ी टोल पर 2.35 लाख, बाडो पट्टी पर 2.62 लाख, चौधरीवास टोल पर 1.75 लाख रुपये राजस्व के नुकसान की जानकारी है। वहीं जिले के पांचवें बास में बनाए टोल को भी किसानों ने फ्री कराया, यहां करीब 52 हजार रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। कुल नुकसान की रिपोर्ट रात 12 बजे बाद तैयार होगी। रामायण टोल पर रोजाना 19.50 लाख, लांधडी टोल पर 16.14 लाख, बाडो पट्टी टोल पर 18 लाख, चौधरीवास टोल पर रोजाना 12 लाख रुपये का राजस्व मिलता है। शुक्रवार को करीब साढ़े तीन घंटे टोल प्लाजा पर शुल्क नहीं लिया।
ज्यादातर एरिया में नहीं हुई पेयजल सप्लाई
हड़ताल के कारण शहर में सुबह के समय पेयजल सप्लाई बाधित रही। जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने शहर के ज्यादातर एरिया में पेयजल सप्लाई नहीं किया। सेक्टरों में पेयजल सप्लाई सुचारू रही। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ कंवरपाल ने बताया कि जलघरों में ज्यादातर स्थायी कर्मचारी हैं और ये कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे, जिस कारण पानी की सप्लाई नहीं हो सकी।
कर्मचारी संगठनों ने निकाला रोष मार्च
विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। कर्मचारी पुराना राजकीय महाविद्यालय मैदान में एकत्रित हुए। यहां सभा करने के बाद जुलूस के रूप में शहर के प्रमुख बाजारों में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक प्रधान ओमप्रकाश माल, इंटक के जोरा सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ओमप्रकाश सैनी, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सुरेंद्र मान ने की। सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान धर्मवीर फोगाट ने कहा कि सरकार लगातार जनविरोधी फैसले ले रही है।