हिसार। जिले में ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी करने वाले बदमाशों ने अब सोशल मीडिया के जरिये ठगी शुरू कर दी है। लोग आसानी से इनके झांसे में भी आ जाते हैं। अब ठग खुद के नंबर पर दूसरे की व्हाट्सएप डीपी लगाकर संबंधित के परिचितों से पैसे मांग रहे हैं। सिर्फ डीपी देखकर कई बार परिचित इन ठगों के झांसे में आ रहे हैं और राशि ट्रांसफर भी कर देते हैं। इसलिए लोगों का सतर्क रहने की जरूरत है। जिले में इन दिनों व्हाट्सएप डीपी बदलकर ऑनलाइन पैसों की डिमांड के मामले सामने आ रहे हैं।
शातिर ठग व्हाट्सएप के डीपी पर लगी फोटो को कॉपी कर परिचितों के पास अस्पताल में इमरजेंसी के मैसेज भेज रहे हैं। रुपये गूगल पे के माध्यम से भेजने की अपील की जा रही है। कई लोग ठगी का शिकायत हो चुके हैं, जिनमें जजपा नेता, निगम कर्मचारी और ठेकेदार भी शामिल हैं। जब तक उस व्यक्ति को पता चलता है जिसकी फोटो लगी होती है उस समय तक उसके कई परिचित ठगी का शिकार हो चुके होते हैं।
केस 1
जिले के साबरवास गांव के रहने वाले संजय ने बताया कि तीन दिन पहले साइबर ठगी करने वाले शख्स ने व्हाट्सएप के डीपी पर लगी फोटो को दूसरे नंबर पर लगाकर जितने मेरे परिचित थे उनके पास मैसेज भेज कर रुपये मांगे गए। रुपये मांगने वाले ने पहले पूछा कहा पर हो, घर पर सब ठीक ठाक है। इसके बाद कहा कि अस्तपाल में इमरजेंसी है। 10 हजार रुपये की जरूरत है। दो तीन परिचितों ने रुपये दे भी दिए।
केस 2
जजपा के प्रदेश युवा महासचिव और रामायण गांव निवासी संदीप सिंघल ने बताया कि पिछले दिनों साइबर अपराधी ने मेरे व्हाट्सएप के डीपी पर डॉ. अजय चौटाला के साथ लगी फोटो को कॉपी कर लिया। इसके बाद ठग ने उस फोटो को एक नंबर पर लगा कर जितने मेरे जानकार थे उनके पास भेज दिया और रुपये मांगें गए। कुछ देर बाद ही पता चला गया तो ग्रुप में मैसेज डालकर लोगों को रुपये न देने की बात कही।
केस 3
नगर निगम के कर्मचारी संतलाल ने बताया कि 28 मार्च को मेरी फोटो लगाकर ठगी करने वालों ने जान पहचान वालों के पास मैसेज भेज दिए। अस्पताल में इमरजेंसी होने की बात कह कर अलग अलग लोगों से 10, 15, 20 हजार रुपये की मांग की गई। कुछ लोगों ने सोचा कि मैंने रुपये मांगे हैं तो उसके द्वारा बताए गूगल पे पर रुपये भेज दिए। बाद में पता चलने पर सोशल मीडिया पर मैसेज डाले।
ठगी से बचने के लिए अपनाएं सावधानी
किसी को भी आपके व्हाट्सएप को दूसरी डिवाइस में चलाने से पहले ओटीपी के अलावा एक और कोड की जरूरत पड़ेगी।
साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 और विभागीय वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं।
यदि आपका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो जाए तो उसे अनइंस्टॉल कर दें। फिर अपने एंड्रायड फोन से सिम बाहर निकालें। एंड्रायड फोन से वाईफाई को कनेक्ट करें और व्हाट्सएप फिर से इंस्टॉल करें।
व्हाट्सएप बिना आपकी अनुमति कोई भी ओटीपी नहीं भेजता है अगर ऐसा कोई भी ओटीपी आता है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए।
अगर आपसे कोई करीबी बनकर मदद मांग रहा है तो पहले उसे कॉल कीजिए और किसी ओटीपी की जानकारी नहीं दीजिए।
व्हाट्सएप में टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन विकल्प भी ऑन करना चाहिए।