हिसार। अग्रोहा खंड की तीन पंचायतों के बीडीपीओ व तीन ग्राम सचिव ने मिलीभगत कर 50 लाख रुपये का गबन किया। यही नहीं आरोपियों ने नियमों की अवहेलना कर 1 करोड़ 90 लाख रुपये निकालकर कंपनियों को भुगतान कर दिया। आरोपियों ने यह रकम डिजिटल हस्ताक्षर कर निकाली। अग्रोहा पुलिस ने बीडीपीओ भगवानदास समेत तीन अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खंड विकास पंचायत अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत अग्रोहा, सारंगपुर व नंगथला में विकास कार्य कराए थे, जिस पर उपायुक्त व बीडीपीओ को भ्रष्टाचार की शिकायत मिली। पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की हिदायत के अनुसार 7 जुलाई 2021 को पत्र भेजा गया। इस दौरान 15वें वित्त आयोग के तहत कराए गए विकास कार्यों का निरीक्षण कराया गया, जिसमें बीडीपीओ, अकाउंटेंट व एपीओ की टीम ने मौके की जांच की। जहां पता लगा कि अग्रोहा, सारंगपुर व नंगथला गांव में धरातल पर कोई काम नहीं कराया गया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार तीनों गांवों में 44 लाख 39 हजार 162 रुपये का भुगतान विकास कार्यों के लिए किए गए। सारंगपुर में 8.30 लाख, नंगथला में 25.02 लाख व अग्रोहा में 11.5 लाख रुपये का भुगतान दो एजेंसी को किया गया था। पूछताछ में पता लगा कि पानीपत की लक्ष्मी इंटरप्राइजेज को भुगतान किया गया है। यह कंपनी लाइट व ई-रिक्शा उपलब्ध कराती है। मौके का निरीक्षण व पूछताछ में पाया गया कि अग्रोहा खंड में सरकार के निर्देश के अनुसार 1 सितंबर से 9 दिसंबर 2021 के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये निकालकर विभिन्न फर्मों को अदा किए गए, जबकि कार्यालय से केवल दो विकास कार्यों के लिए 10 लाख रुपये निकालने की अनुमति ली गई थी। बीडीपीओ की तकनीकी शाखा ने विकास कार्यों की जानकारी होने से मना कर दिया। इस दौरान बीडीपीओ भगवानदास व तीनों ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिव कार्यरत थे।