हत्या के आरोप में काबू आए दो बाबा।
बास (हिसार)। मोहला गांव के पास सुंदर ब्रांच नहर की पटरी पर 25 जून को खरैंटी गांव के अमन का शव पड़ा मिला था। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज किया था। बास थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो बाबाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कर्नाटक निवासी बाबा संजय गिरि उर्फ सम्मत कुमार और वाराणसी के रहने वाले बाबा जय गिरि उर्फ देवव्रत के रूप में हुई है। देवव्रत हिसार के सरसाना गांव में रहता था। वीरवार को दोनों बाबाओं को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बास थाना पुलिस के अनुसार डेरे में रहने वाले दोनों बाबाओं ने अमन को नशे का इंजेक्शन लगाया था। नशे का इंजेक्शन लगाने से पहले अमन ने शराब पी रखी थी। नशे की ओवरडोज के कारण बड़छप्पर गांव के पास बाबाओं के डेरे में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने उसके शव को नहर की पटरी पर फेंक दिया था। बास थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्याकांड की गुत्थी को 30 घंटे में ही सुलझा लिया है।
दिल्ली भागने की फिराक में थे दोनों आरोपी
बास थाना एसएचओ इंस्पेक्टर पवित्र कुमार ने बताया कि 25 जून की शाम सुंदर ब्रांच नहर की पटरी पर जींद के खरैंटी गांव निवासी 21 वर्षीय अमन का शव मिला था। अमन के पिता सुभाष ने बेटे की हत्या की आशंका जताई थी। बास थाना पुलिस ने पिता सुभाष की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने अमन की फोन नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। अमन ने लास्ट कॉल गुरुजी के नाम पर कर रखी थी। उस नंबर को ट्रेकिंग पर लगाया तो पता चला कि यह नंबर बड़छप्पर गांव के पास बने डेरे में रहने वाले बाबा का है। पुलिस डेरे पर पहुंची तो दोनों बाबा गायब मिले। इसके बाद पुलिस ने नंबर ट्रेस कर उनकी लोकेशन का पता किया और वीरवार को दोनों बाबाओं को गांव मदनहेड़ी के पास स्कूटी सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबा दिल्ली जाने की फिराक में थे।
एसएचओ पवित्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी बाबाओं ने बताया कि उन्होंने पकड़कर अमन को नशे का इंजेक्शन लगाया था। सुबह उठकर देखा तो अमन की मौत हो चुकी थी। इसके बाद अमन के शव व बाइक को सुंउर नहर ब्रांच की पटरी पर फेंक कर डेरे में चले गए। डेरे से हांसी गए और हांसी से दिल्ली जाने की फिराक में थे।