यदि किसी बॉक्सिंग खिलाड़ी को प्रैक्टिस के समय हाथ में चोट लग जाती है तो उस केस में पहले देखा जाएगा कि खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा कितना हाथ उठा सकता है। यदि उसका हाथ आधा ही उठ रहा तो मशीन लगाने से पता चलेगा कि उक्त खिलाड़ी का हाथ कितना और ऊपर उठ सकता है। उसके बाद एक्सरसाइज व फिजियोथेरेपी के माध्यम से उसकी ताकत बढ़ाई जाएगी, ताकि वह अपने हाथों की पूरी तरह मूवमेंट कर सके।
यह सुविधा रेजीडेंशियल स्कीम के तहत प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को दी जाएगी। इसके तहत हॉकी की 30 लड़कियां, बॉक्सिंग के 30 लड़के, 30 लड़कियां, कुश्ती के 15 लड़के , 15 लड़कियां और एथलेटिक के 20 लड़के प्रैक्टिस कर रहे हैं। फिजियोथेरेपिस्ट ओशिल का कहना है कि खिलाड़ियों के लिए डायनमो मीटर मशीन काफी अहम है। खिलाड़ियों की ताकत का पता चल सकेगा
साई और इंस्पायर इंस्यीट्यूट ऑफ स्पोटर्स के साथ कोलैबेरेशन हुआ है। हमारा मुख्य उद्देेश्य साई में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधा मिले। इसी को देखते हुए डायनमो मीटर मशीन मंगवाई गई है। भविष्य में और भी सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे। सत्यप्रकाश, हेड ऑफ ऑपप्ररेशन, गिरी सेंटर