हिसार कोर्ट में गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या ने पुलिस सुरक्षा के ऊपर फिर से सवालिया निशान लगा दिया है। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में हत्या करने का प्रदेश में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले कई हत्या हो चुकी हैं। अदालत में पेशी के दौरान आरोपी या गवाह को निशाना बनाना बदमाशों के लिए अपेक्षाकृत आसान रहता है। कोर्ट तक पहुंचने और लौटने के दौरान आरोपी निहत्थे होते हैं और पुलिस सुरक्षा सीमित रहती है। इसी का फायदा उठाकर हरियाणा में कोर्ट परिसर या पेशी के बाद बाहर निकलते समय गोली और चाकू से हत्या की कई वारदातें हो चुकी हैं। सोनीपत से लेकर हिसार, रोहतक, झज्जर, भिवानी और जींद तक बदमाशों ने पेशी पर आए आरोपियों और गवाहों को निशाना बनाया है। कई मामलों में कोर्ट परिसर के भीतर ही फायरिंग हुई, जबकि कुछ घटनाओं में पेशी के बाद पुलिस वाहन तक पहुंचने के दौरान हमला किया गया।
प्रदेश में ये हो चुकी हैं कोर्ट परिसर में हत्या और हमले की वारदातें
1. 12 दिसंबर 2008 को सोनीपत कोर्ट में संजय बुटानिया को हत्या के मामले की सुनवाई के लिए सोनीपत न्यायिक परिसर लाया गया था। पुरानी जमीन की रंजिश के चलते जगबीर ने कंबल ओढ़कर कोर्ट परिसर के गेट पर संजय को गोली मार दी। संजय की मौत हो गई। बाद में इस हत्या के मामले में जगबीर को उम्रकैद हुई।
2. बुटाना गांव निवासी ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश फौजी को 2008 के हत्या मामले में पेशी के लिए सोनीपत कोर्ट लाया गया था। पुलिस उसे वापस कैदी वाहन में बैठाने ले जा रही थी, तभी हमलावरों ने कोर्ट परिसर में ही गोली मार दी। उसकी मौत हो गई। यह उसी बुटाना जमीन विवाद की अगली कड़ी थी, जिसमें संजय बुटानिया की हत्या हुई थी।
3. 1 सितंबर 2014 को जींद में संदीप मोखरा को पेशी के लिए जींद कोर्ट आया था। कोकला गैंग से चल रही गैंगवार में कोर्ट परिसर में ही उसे गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाद की पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने इस हत्या को स्वीकार किया।
4. 14 मई 2015 को हिसार कोर्ट में संदीप उर्फ बच्ची को पुलिस कस्टडी में कोर्ट में पेश करने लाया गया था। कोर्ट रूम की ओर ले जाते समय साजिद खान ने गोली चला दी। संदीप की मौके पर मौत हो गई और साथ मौजूद एएसआई गुलबीर सिंह घायल हुए। बाद की जांच में अरविंद पंडित की भूमिका सामने आई।
5. 11 मार्च 2016 को पानीपत के सिवाह निवासी विकास उर्फ दूधिया को पुलिस लूट के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर गन्नौर कोर्ट लाई थी। पेशी के बाद कोर्ट रूम से बाहर निकलते ही पहले से घात लगाए हमलावरों ने उसे नजदीक से गोली मार दी। उसकी मौके पर मौत हो गई और एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। बाद में इस मामले में पांच आरोपियों को उम्रकैद हुई। तत्कालीन इंस्पेक्टर कंवल सिंह को भी बाद में साजिश में सह-आरोपी बनाया गया।
6. 22 मार्च 2017 को राजीव उर्फ काला आसौदा को अंबाला जेल से झज्जर कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। पेशी के बाद उसे कैदी वैन में बैठाया जा रहा था। इसी दौरान दो हमलावरों ने उस पर फायर किया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल और फिर पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। बाद की जांच में अशोक प्रधान गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई।
7. मार्च 2017 को पेशी के लिए कोर्ट आए रमेश और उसके साथियों पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की। रमेश बच गया, लेकिन उसके साथी संजित को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। हमलावरों का निशाना अंडरट्रायल रमेश लुहार था। कई अन्य लोग घायल हुए। पुलिस जांच में सुमित उर्फ पलोटरा और संदीप उर्फ पाद्दू को गोली चलाने वाला बताया गया।
8. 18 मई 2017 शराब ठेकेदार शेर सिंह अपने गांव में हुए महिपाल हत्याकांड के मामले में पेशी के लिए भिवानी कोर्ट आया था। कोर्ट में हाजिरी के बाद जब वह बाहर निकला तो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। शेर सिंह को पांच गोलियां लगीं और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को पकड़ लिया था।
9. 7 मई 2018 सिवानी मंडी कोर्ट हेड कांस्टेबल भागीरथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक आरोपी नहीं, बल्कि पुलिसकर्मी था। सिवानी मंडी तहसील कोर्ट में एक कैदी को पेशी के बाद वापस ले जाया जा रहा था। उसे छुड़ाने आए बदमाशों ने फायरिंग की। इसमें हिसार जिले के गोरछी निवासी हेड कांस्टेबल भागीरथ की गोली लगने से मौत हो गई। दो हमलावर मौके पर पकड़े गए।
10. 13 सितंबर 2019 को इंद्री कोर्ट में मारपीट के मामले में शुभम तारीख पर इंद्री कोर्ट आया था। शिकायतकर्ता ने समझौते के बहाने उसे कोर्ट परिसर के मेन गेट के बाहर बुलाया। वहां करीब सात लोगों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। पेट, सिर और छाती पर कई वार किए गए। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
11. 18 मार्च 2021 को सोनीपत कोर्ट में अजय उर्फ बिट्टू बरोणा को हत्या/आर्म्स एक्ट के मामले में रोहतक जेल से सोनीपत कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। पेशी के बाद कैदी वाहन में बैठने के दौरान उसकी सुरक्षा में तैनात सिपाही महेश ने उसके सिर पर नजदीक से गोलियां चला दीं। उस समय अजय की मौत नहीं हुई, वह गंभीर हालत में कोमा में चला गया। अजय करीब पांच साल कोमा में रहने के बाद मई 2026 में मौत का शिकार हुआ।
12. 22 अप्रैल 2022 को सोनीपत कोर्ट में वेद प्रकाश अपनी पत्नी की हत्या के मामले में मुख्य गवाह था। वह गवाही देने सोनीपत कोर्ट पहुंचा था। चैंबर से कोर्ट की ओर जाते समय बाइक सवार दो हमलावरों ने उस पर तीन गोलियां चलाईं। दो गोलियां उसे लगीं और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पत्नी के पिता विजयपाल और एक रिश्तेदार समेत आरोपियों पर हत्या व षड्यंत्र का मामला दर्ज किया।
13. 16 मई 2026 नीरज उर्फ कातिया दहेज प्रताड़ना/घरेलू विवाद के मामले में पेशी के लिए खरखौदा कोर्ट आया था। पेशी के बाद एसडीएम कार्यालय के पास पहुंचते ही ब्रेजा कार सवार हमलावरों ने पहले उसकी गाड़ी को टक्कर मारी और फिर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। नीरज की हत्या हो गई।
14. 1 जून 2017 सिरसा किशोर न्यायालय में पेशी के बाद एक 17 वर्षीय किशोर पर उसके पुराने विवाद के चलते चाकू से पांच-छह वार किए गए। वार गर्दन और कमर के नीचे किए गए थे। लेकिन वहां मौजूद एक व्यक्ति अमर सिंह ने हमलावर को पकड़ लिया और चाकू छीन लिया। घायल किशोर की जान बच गई।
15. 4 सितंबर 2025 को भिवानी न्यायिक परिसर में वकीलों के चैंबर के पास लवजीत निवासी मोखरा, रोहतक अपने परिचितों के साथ बैठा था। तभी हमलावरों ने फायरिंग कर दी और उसकी मौत हो गई। बाद की पुलिस जांच में तस्वीर साफ हुई। एसटीएफ की दिसंबर 2025 की कार्रवाई में पुलिस ने बताया कि हमलावर वास्तव में लवजीत को मारने नहीं आए थे। उनका निशाना बिजेंद्र और काला नाम के दो व्यक्ति थे। हमलावरों ने सुपारी लेकर दोनों की हत्या करने की योजना बनाई थी, लेकिन वकीलों के चैंबर के पास फायरिंग के दौरान गोली गलती से लवजीत को लग गई।
16. 6 अगस्त 2026 को चरखी दादरी में कोर्ट में पेशी के बाद तकरीबन पचास मीटर आगे ही स्कॉर्पियो सवार सात युवकों पर सिटी पुलिस थाने के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस वारदात में सातों युवक गंभीर रूप से घायल हुए। बाद में हिसार निवासी कीर्तिमान की हालत बिगड़ने पर 9 अगस्त 2026 को उसकी मौत हो गई। उसे गर्दन और पैरों में तीन गोलियां लगी थीं। बाकी का इलाज चल रहा है।