हिसार। पहलवान अंशु मलिक ने ओलंपिक क्वालिफाई मुकाबले खेलने से पहले मोबाइल से दूरी बनाई थी। विदेशी पहलवानों के वीडियो देखकर खेल का अभ्यास किया। आहार में जूस से लेकर ड्राई फ्रूट को शामिल किया। इसके साथ अभ्यास का समय भी बढ़ाया। पिछले चार साल से मिर्चपुर की शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल कुश्ती एकेडमी में खेल का अभ्यास कर रही अंशु मलिक के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। अंशु ने शनिवार को ओलंपिक का टिकट पक्का कर लिया है। वह अपने परिवार के साथ एकेडमी में ही रह रही हैं। परिवार और एकेडमी में खुशी का माहौल है।
एकेडमी के कोच एवं संचालक अजय ढांडा और जयभगवान लाठर ने बताया कि पहलवान अंशु मलिक अब ओलंपिक में दमखम दिखाएगी। अंशु मलिक से पूरे देश को उम्मीदें हैं। उन उम्मीदों को पूरा करने के लिए अब वह ओलंपिक की तैयारी में जुट जाएगी। अब उसकी प्रैक्टिस पर फोकस रखा जाएगा। कुश्ती की नई-नई तकनीक सिखाई जाएंगी ताकि ओलंपिक में वह देश की झोली में पदक डाल सके। एकेडमी के संचालक एवं कोच अजय ढांडा ने बताया कि ओलंपिक क्वालिफाई मुकाबले खेलने से पहले अंशु मलिक ने प्रैक्टिस का समय बढ़ाते हुए छह से साढ़े छह घंटे अभ्यास किया।
दावा: सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली देश की पहली पहलवान अंशु मलिक
एकेडमी के संचालक एवं कोच अजय ढांडा ने दावा किया है कि सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली अंशु मलिक देश की पहली पहलवान है। अभी तक महिला पहलवानों ने कांस्य पदक तो कई जीते हैं मगर रजत पदक जीतने वाली सिर्फ अंशु मलिक है। अंशु मलिक अर्जुन अवाॅर्डी है। कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता है। एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं।
असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत है अंशु मलिक
अंशु मलिक अब तक राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक जीतकर नाम रोशन कर चुकी हैं। खेल के दम पर अंशु ने सरकारी नौकरी हासिल की। वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। अंशु मलिक के पिता धर्मबीर किसान हैं। माता मंजू देवी गृहिणी हैं। अंशु का भाई शुभम भी मिर्चपुर की एकेडमी में अभ्यास कर रहा है। वह नेशनल स्तर का पहलवान है।