हिसार। याैन शोषण से संबंधित बेनाम चिट्ठी ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। एक सप्ताह पहले भेजी चिट्ठी में एक महिला कर्मचारी ने बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) पर यौन प्रताड़ना, अश्लीलता और ड्यूटी पर बुलाकर धूप में बैठाने का आरोप लगाया है। चिट्ठी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी ने मंगलवार को गुमनाम चिट्ठी भेजने वाली महिला और आरोपी अधिकारी को बुलाकर इस मामले में पूछताछ की है।
कमेटी में महिला अधिकारी नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी ने जो जांच कमेटी गठित की है, उसमें महिला सदस्य को शामिल नहीं किया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार महिला को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के मामले में बनाई जाने वाली कमेटी में एक महिला सदस्य को शामिल करना अनिवार्य है। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, महिला आयोग की चेयरपर्सन, शिक्षा सदन एसपीडी पंचकूला और डीसी को भी भेजी हुई है। संवाद
पानी के कैंपर रखवाने के बहाने बुलाता है बीआरसी
लिखित शिकायत में महिला ने बताया कि ऑफिस में पानी का कैंपर रखा है। आरोप है कि पानी मंगवाने के बहाने बीआरसी पीड़िता को कार्यालय में बुलाता है और अश्लील बातें करता है। कहता है-सेवा करोगी तो मेवा मिलेगा। सेक्सुअल हैरेसमेंट भी करता है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी उसे दफ्तर बुलाया और 45 डिग्री तापमान में धूप में काम करने का दबाव बनाया।
दो दिवसीय कमेटी सौंपेगी जांच रिपोर्ट
दो सदस्यीय जांच कमेटी द्वारा मंगलवार को दोनोंं पक्षों को बुलाया गया, जिसके बाद दोनों पक्षों का तर्क सुनकर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बना ली है। अब डीईओ को इस मामले की रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
बिना सर्कुलर जारी किए बुलाई बैठक
इस मामले में पीड़ित महिला ने डीईओ पर आरोप लगाए हैं कि मंगलवार को उन्होंने बिना सर्कुलर जारी किए डीपीसी हॉल में एबीआरसी की मीटिंग बुलाई। बैठक में डीईओ, बीईओ-द्वितीय हिसार ब्लॉक, एबीआरसी के अलावा आरोपी व पीड़िता भी शामिल हुई। पीड़िता का आरोप है कि उच्च अधिकारी ने दबाव बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया है।
दोषी पाने वाले अधिकारी को हो सकती है 5 साल की सजा
अधिवक्ता जितेंद्र कुश ने बताया कि महिला द्वारा यदि किसी सीनियर अधिकारी पर यौन शोषण व शारीरिक प्रताड़ना के आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो दोषी को 5 साल तक की सजा सुनाई जा सकती है। कोर्ट चाहे तो आरोपी पर जुर्माना भी लगा सकती है।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर महिला ने लिखित में महिला आयोग को शिकायत भेजी है तो तुरंत संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। - रेनू भाटिया, चेयरपर्सन, महिला आयोग, चंडीगढ़
मुझे बेनाम चिट्ठी प्राप्त हुई है। इसमें बीआरसी पर यौन शोषण सहित प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। मामला संज्ञान में आते ही मैंने दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई, जैसे ही रिपोर्ट आएगी। विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप सिंह नरवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जिला शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट ली जाएगी। दोषी पाए जाने पर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। - सीमा त्रिखा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा सरकार।