हिसार। लघु सचिवालय के बाहर पगड़ी संभाल जट्टा के पक्का मोर्चा पर आयोजित महापंचायत ने एलान किया कि 30 जून को धरना स्थल पर काला दिवस मनाएंगे। इसके अलावा 5 जुलाई को लघु सचिवालय के सभी गेट बंद करेंगे। गांवों में भाजपा व जजपा के नेताओं का विरोध किया जाएगा। साथ ही रिलायंस कंपनी के उत्पाद और पेट्रोल नहीं खरीदेंगे।
लघु सचिवालय के गेट पर सोमवार को किसानों ने पक्का मोर्चा के 26वें दिन महापंचायत की। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान, किसान मोर्चा के पदाधिकारी नरेश शर्मा खरकड़ी, कृष्णा बिश्नोई सदलपुर, मोहन मीठारवाल सरसाना, भतेरी देवी चुली खुर्द ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पक्के मोर्चे को समर्थन देने राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सरदार कुलवंत सिंह संधू, भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहलवान सतबीर बरसोला, प्रदेशाध्यक्ष विकास सीसर, भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद धरने को समर्थन देने पहुंचे। धरना स्थल पर गांव देवां, कुलेरी, श्यामसुख, किरमारा, श्यामसुख,सातरोड़, चूली देशवाली, गोरछी, डोभी, डाया के किसान ट्रैक्टरों-ट्राॅलियों के साथ लघु सचिवालय पक्का मोर्चा पर पहुंचे। महापंचायत को समिति के महासचिव संदीप सिवाच, जिला प्रधान सतीश बैनीवाल,औम प्रकाश माढा, रविन्द्र हजरावां ,कमल बराड़, समुद्र मलिक, केडी अग्रोहा ,कर्ण सिंह आर्य, गोपाल ओड ,कुलदीप हिन्दुस्तानी अनिल गोरछी, आत्मा राम पातन ने संबोधित किया।
30 जून को काली चुरी ओढ़ विरोध करेंगी महिलाएं
पगड़ी संभाल मोर्चा ने एलान किया कि 30 जून को पक्का मोर्चा पर महिलाओं की संख्या सबसे अधिक की जाएगी। महिलाएं काली चुनरी ओढ़कर विरोध प्रदर्शन करेंगी। किसान काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। एक जून से धरना दे रहे किसानों को 30 जून को एक माह पूरा हो जाएगा। किसान काल कपड़ों में रोष जताएंगे। इस दौरान पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के जिला प्रधान भाई सतीश बेनीवाल, राज्य कार्यकारिणी सदस्य अनिल गोरछी को 1 जून से लगातार पक्का मोर्चा धरना में 24 घंटे सहयोग करने पर पगड़ी व माला पहनाकर सम्मानित किया।
किसानों का 434 करोड़ बकाया
किसानों ने बताया कि बीमा कंपनी को करीब 700 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम देना है। पिछले 26 दिन से धरना दे रहे किसानों को अब तक 264 करोड़ रुपये का क्लेम दिया गया है। करीब 434 करोड़ से अधिक का बकाया कंपनी पर है। कंपनी के अधिकारी किसानों को जानकारी तक नहीं दे रहे। करीब 55 हजार से अधिक किसानों का क्लेम अब तक बकाया है।