हिसार। इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग प्वाइंट को लेकर बिजली कनेक्शन लेने के लिए रोडवेज ने 3 करोड़ 41 लाख रुपये का रफ एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा है। अब जल्द ही आगामी प्रक्रिया शुरू होगी। अगले सप्ताह मुख्यालय से भी टीम निरीक्षण करने आएगी। इलेक्ट्रिक बसों के लिए 17 चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। वहीं, रोडवेज को 50 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। हालांकि बसें आने में पांच से छह माह का समय बताया गया है। मगर इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बता दें, कि बस अड्डे के पिछले गेट के पास खाली जगह में इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए तीन एकड़ में चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा। यहां लगे सफेदे के पेड़ भी कटवाए जाएंगे। इसको लेकर रोडवेज की ओर से मुख्यालय से अनुमति मांगी जाएगी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार बिजली का कनेक्शन करने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। इस पर रोडवेज को 44 लाख 64 हजार रुपये भरने होंगे। इसको लेकर मुख्यालय पत्र भेजा गया है।
एक दिन में 200 किलोमीटर तक एक बस करेगी अप-डाउन
रोडवेज की ओर से पहले 100 इलेक्ट्रिक बसों के लिए प्रपोजल भेजा गया था। मगर मुख्यालय से 50 बसों की अनुमति मिली है। एक इलेक्ट्रिक बस एक दिन में 200 किलोमीटर तक अप-डाउन करेगी। इन बसों के लिए अलग से वर्कशॉप बनेगी। इन बसों को प्रधानमंत्री ई बस सेवा नाम दिया गया है। लोकल से लेकर ग्रामीण रूटों पर यात्रियों को बस की सुविधा मिलेगी।
हिसार डिपो को 50 इलेक्ट्रिक बसें मिलेगी। हालांकि अभी बसें आने में वक्त लगेगा। मुख्यालय से अपडेट लिया जाएगा। हमारी ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोडवेज