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हिसार: डीसी संग बातचीत में बनी सहमति, किसानों ने खत्म किया आंदोलन

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हिसार। चार दिन पहले शुरू हुई 17 गांवों के किसानों की पदयात्रा 60 किलोमीटर की दूरी तय कर मंगलवार को हिसार पहुंची। इस दौरान किसानों ने फसलों के मुआवजे, पानी निकासी की मांग को लेकर लघु सचिवालय का घेराव कर दिया। इसके बाद डीसी उत्तम सिंह ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल संग बातचीत में सहमति बनने के बाद किसानों ने यात्रा का समापन कर आंदोलन खत्म कर दिया।
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किसानों ने मांगों को लेकर 10 फरवरी को खेड़ी चोपटा से पैदल शुरू हुई किसान यात्रा मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बाद लघु सचिवालय पहुंची। यात्रा का मटका चौक-क्रांतिमान पार्क के पास फूल मालाओं से स्वागत किया गया। यात्रा में पगड़ी संभाल जट्टा, भारतीय किसान यूनियन भगत सिंह, भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के अलावा जिले की सभी खापों के प्रतिनिधि शामिल रहे। उपायुक्त के बुलावे पर किसान नेताओं के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त से बातचीत की। किसान नेता सुरेश कौथ ने बताया कि डीसी ने सभी तहसीलों का मुआवजा एक सप्ताह में बिना कांट-छांट किसानों के खातों में डाला जाएगा। पाले से खराब हुई सरसों की जल्द से जल्द गिरदावरी की जाएगी। जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मानसून आने से पहले कर दिया जाएगा। किसानों के सीएससी सेंटरों से कराए गए बीमे मान्य होंगे।भावान्तर योजना के पैसे किसानों को खाते में डाले जाएंगे। खानपुर और मिर्जापुर का लंबित मुआवजा तुरंत प्रभाव से दिया जाएगा

मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ प्रस्ताव पारित

प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सोनिया दूहन ने खेल मंत्री संदीप सिंह का बर्खास्त कर गिरफ्तार करने का प्रस्ताव रखा। मौजूद किसानों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे मंजूर किया। डीसी के साथ वार्ता करने के लिए गए प्रतिनिधि मंडल में 11 किसान शामिल रहे। इसमें भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ, जिला अध्यक्ष धर्मपाल बड़ाला, अमरजीत मोड़ी, जगदीप औलख, मनदीप नथवान, संदीप नाड़ा, संदीप कापड़ो, बलवान लोहान, रामनिवास खेड़ी जालब, रणबीर सिंह मलिक, मा. प्रताप सिंह शामिल रहे।
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किसानों ने सरकार का पुतला फूंका

मंगलवार सुबह को किसान संगठनों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदेश व केंद्र सरकार का पुतला फूंका। किसानों ने किसानों की जमीन जबरन छीनने का विरोध किया। किसान नेता हर्षदीप गिल, रणबीर मलिक, दशरथ मलिक ,बलराज मलिक सहित अन्य ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में किसानों की जमीन जबरदस्ती छीनी जा रही है। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रावधानों के तहत किसान को उसकी जमीन का अधिग्रहण करने पर ग्रामीण क्षेत्र में कलेक्टर रेट का 4 गुना और शहरी क्षेत्र में कलेक्टर रेट का 2 गुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया था।हरियाणा सरकार किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा देने के बजाय रोज नए-नए कानूनी झमेलों में उलझा कर औने-पौने दामों में किसानों की जमीन छीन रही है।
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