हिसार में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि महाराजा अग्रसेन की राजधानी अग्रोहा को अग्रसेन ग्लोबल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। अग्रोहा के 20 किलोमीटर परिधि के दायरे में यह शहर विकसित होगा, जो सिंगापुर, मॉरीशस की तरह अपनी पहचान बनाएगा। अग्रोहा कल्चरल टूरिज्म को विश्व स्तर पर पहचान देने का काम करेगा। इसमें महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत में अग्रोहा को लेकर अपना विजन डाॅक्यूमेंट मीडिया से साझा किया। अग्रसेन ग्लोबल सिटी कनेक्टिविटी के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण लोकेशन है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन सकती है।
यहां आद्य महालक्ष्मी का 108 फुट ऊंचे मंदिर का निर्माण चल रहा है। इस मंदिर का डिजाइन अयोध्या राम जन्म भूमि मंदिर का डिजाइन बनाने वाले सोम भाई आर्किटेक्ट ने तैयार किया है। इस मंदिर के निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इंडस सरस्वती साइट्स के अलावा राखीगढ़ी, बनावाली, बिरडाना, कुनाल, हिसार के साथ-साथ अग्रोहा भी पर्यटन के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े सर्किट में से एक होगा।
प्रदेश सरकार राखीगढ़ी की तर्ज पर यहां बड़ा म्यूजियम विकसित करने की योजना है। अग्रोहा पुरातत्व स्थल की खोदाई का कार्य भारतीय सर्वेक्षण की उत्खनन शाखा (एएसआई) व हरियाणा राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संयुक्त रूप से करेगा। खोदाई शुरू करने से पहले पुरातत्व विभाग जीपीआर सर्वेक्षण का उपयोग करेगा। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की टीम इसमें सहयोग करेगी।
अब चौथी बार होगी टीले की खोदाई
मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि अग्रोहा टीले की खुदाई के संबंध में सीएम मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 25 अगस्त 2023 को सांस्कृतिक केंद्रीय मंत्री कृष्ण रेड्डी को पत्र लिखा था। यूपी के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके दीपक सिंघल ने भी इसमें सहयोग किया। केंद्र सरकार ने महाराजा अग्रसेन की जयंती के अवसर पर इसकी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि 1888-89 में पहली बार ब्रिटिश काल में टीले की खोदाई हुई थी। दूसरी बार 1938-39, तीसरी बार 1978-79 में खोदाई हुई थी। अब चौथी बार खोदाई का काम शुरू होगा।
एविएशन हब के लिए 10000 एकड़ लेंगे
निकाय मंत्री ने कहा कि अब यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत विश्व स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा। जिसमें महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट अहम भूमिका निभाएगा। हिसार एयरपोर्ट को फेज 2 में 7200 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। भविष्य में इसके साथ लगती करीब 10 हजार एकड़ जमीन को भी इंटीग्रेटिड एविएशन हब के लिए उपयोग किया जाएगा।
रेल लाइन से नहीं जोड़ सकते अग्रोहा को
डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि अग्रोहा को रेल से जोड़ना फिजिबल नहीं है। भविष्य में अग्रोहा का विस्तार हिसार तक जो जाएगा तो वहां रेल लाइन की जरूरत नहीं होगी। बड़े शहरों में रेलवे स्टेशन धार्मिक स्थलों से 20-30 किलोमीटर दूर सामान्य तौर पर ही होते हैं। उन्होंने बताया कि हिसार शहर में एलिवेटेड रोड को लेकर डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है।