डीआरओ कार्यालय हिसार में कार्यरत सहायक क्लर्क को जमीन की मुआवजा राशि खाते में ट्रांसफर करने की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में एडीजे वेद प्रकाश की अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषी को सजा 31 जनवरी को सुनाई जाएगी। मामले में जून 2017 को गांव सुरेवाला निवासी किराड़ी मल ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उसकी जमीन का कुछ हिस्सा एनएच 65 में आया था। इसके मुआवजे की 3 लाख 5 हजार रुपये की राशि अपने खाते में डलवाने के लिए वह डीआरओ कार्यालय में गया तो वहां मौजूद सहायक क्लर्क सुनील ने उनसे इस रकम को खाते में डालने की एवज में चार हजार रुपये रिश्वत मांगी। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पीड़ित को पुलिस ने पाउडर लगाकर 2-2 हजार रुपये के दो नोट दिए। उसने जैसे ही सहायक क्लर्क सुनील को पैसे दिए तो उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने सुनील के खिलाफ केस दर्ज कर बुधवार को एडीजे वेद प्रकाश सिरोही की अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उसे दोषी करार दिया है।