हिसार। ग्लोबल इंसपिरेशन एनलाइटनमेंट आर्गेनाइजेशन (जियो गीता) ने शुक्रवार रात विश्व शांति व मानवीय एकता के लिए नेशनल सेमिनार का आयोजन करवाया। इसमें सिख, मुस्लिम और हिंदू विद्वानों ने हिस्सा लिया। सभी विद्वानों ने एक स्वर में कहा कि भगवद्गीता ही विश्व का ऐसा महानतम ग्रंथ है जो पूरे विश्व और पूरे मानव समाज को एकता व सद्भावना के सूत्र में बांध सकता है। अमृतसर के साहित्यकार व विद्वान प्रो. हरमन्दिर सिंह बेदी ने कहा कि गुरु गोबिन्द सिंह जी ने गीता का अनुवाद पंजाबी भाषा में कराया। सभी गुरु साहेबानों ने गीता के संदेश का सत्कार किया। दिल्ली के प्रसिद्ध मुस्लिम विद्वान व जानेमाने लेखक मोहम्मद हनीफ खान ने कहा कि मैं भारतीय पहले हूं और मुस्लिम बाद में। भगवद्गीता भारतीयता की पवित्र प्रतीक है और कुरान व गीता के बीच में एक सामंजस्य भी है। सेमिनार में मुख्य अतिथि निकाय मंत्री सावित्री जिन्दल रहीं और स्वामी ज्ञानानंद ने अध्यक्षता की। सेमिनार में कर्नल रामप्रताप मलहान, जगदीश जिंदल, प्रो. प्रेम प्रकाश तनेजा, डॉ. सतीश कालड़ा, अतर सिंह आर्य क्रांतिकारी, प्रो. हरीश जुनेजा, दयानंद बेनीवाल, डॉ. जीडी अग्निहोत्री और डॉ. खुराना ने भी हिस्सा लिया।