हिसार। जिले में बुधवार की रात 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के कारण बिजली के 285 खंभे और 220 पेड़ टूट गए। इस कारण कई जगह रास्ते बाधित हो गए। बिजली निगम के 62 फीडर ब्रेक डाउन हुए, जिस कारण 41 गांवों में वीरवार दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। बिजली निगम को आपूर्ति ठप होने की 2667 शिकायतें मिलीं। वहीं, रेलवे लाइन पर पेड़ गिरने से दो ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा, साथ ही 5 ट्रेन अपने तय निर्धारित समय से देरी से हिसार रेलवे स्टेशन पहुंचीं।
सबसे अधिक नुकसान आदमपुर में हुआ
बुधवार रात को आई आंधी के बाद बिजली बाधित हो गई थी। करीब 6 से 7 घंटे बाद शहरी एरिया के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके बाद बिजली निगम की टीमें शिकायतों को दूर करने के लिए निकलीं। सबसे अधिक आदमपुर में बिजली के 92 पोल गिरे। इसके अलावा बालसमंद में 54, अग्रोहा में 14, हिसार सदर में 24, बरवाला में 25 खंभे गिरे। हिसार शहर में तीन खंभे गिरने की सूचना मिली। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 220 पेड़ गिर गए थे, जिसे कर्मचारियों ने सड़कों से हटा दिया। आदमपुर, अग्रोहा, उकलाना, बरवाला, बालसमंद में सबसे अधिक पेड़ गिरने की शिकायत मिलीं।
बिजली गिरने से मकान क्षतिग्रस्त
गांव मिर्जापुर में एक किसान के घर पर बिजली गिरी, जिस कारण मकान का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। मकान मालिक ईश्वर बिश्नोई ने बताया कि चार कमरे, बाथरूम, रसोई क्षतिग्रस्त हो गई। रात एक बजकर 3 मिनट पर बिजली गिरी। ईश्वर ने बताया कि भीषण आवाज सुनने के बाद घर से बाहर निकल आए थे।
सुबह के समय पेयजल सप्लाई नहीं आई
वीरवार सुबह तक बिजली आपूर्ति ठप होने के चलते शहर के कई हिस्सों में पेयजल की आपूर्ति बाधित रही। जिले के अधिकतर गांवों में वीरवार सुबह पानी की सप्लाई के लिए जलघरों को बिजली नहीं मिल सकी। आंधी के कारण घर में भरी धूल को निकालने के लिए लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शाम को हिसार से दो घंटे लेट चली गोरखधाम एक्सप्रेस
समय पर ट्रेन नहीं पहुंचने के कारण यात्री रेलवे स्टेशन पर इंतजार करते रहे। लोकल रूट पर जाने वाले कई यात्रियों ने बसों का सहारा लिया। शाम को पांच बजे हिसार से रवाना होने वाली गोरखधाम दो घंटे की देरी से शाम 7 बजे रवाना हुई। इसी प्रकार मेरठ-गंगानगर अपने निर्धारित समय से 25 मिनट की देरी से शाम 4.28 बजे हिसार पहुंची। रेवाड़ी-फाजिल्का ट्रेन 40 मिनट की देरी से सुबह 8.30 बजे हिसार से रवाना हुई। सिरसा तिलकब्रिज ट्रेन का हिसार से चलने का समय सुबह 4.05 बजे है। मगर यह ट्रेन हिसार से पौने 10 बजे रवाना हुई थी। सुबह 4.30 बजे हिसार से चलने वाली हरिद्वार ट्रेन सुबह 6 बजे रवाना हुई। नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन सुबह हिसार से 5.15 बजे के बजाय सुबह 7.12 बजे रवाना हुई थी।
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हनुमानगढ़-बठिंडा रेलखंड के मध्य तेज हवाएं चलने व ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण वीरवार को रेल यातायात प्रभावित हुआ है। इस कारण कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए तो कुछ ट्रेन अपने निर्धारित समय से कई घंटों की देरी से पहुंची। ऐसे में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। बता दें, कि गाड़ी संख्या 04784, सिरसा-बठिंडा स्पेशल ट्रेन वीरवार को रद्द रही। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 14732, बठिंडा-दिल्ली ट्रेन बठिंडा से प्रस्थान करने वाली परिवर्तित मार्ग वाया बठिंडा-जाखल-रोहतक होकर संचालित की गई। गाड़ी संख्या 04084, हिसार-जींद स्पेशल ट्रेन हिसार से प्रस्थान करने वाली परिवर्तित मार्ग वाया हिसार-जाखल होकर संचालित हुई। वहीं, गाड़ी संख्या 14029, श्रीगंगानगर-दिल्ली ट्रेन श्रीगंगानगर से प्रस्थान करने वाली परिवर्तित मार्ग वाया बठिंडा-जाखल-रोहतक-भिवानी होकर संचालित हुई। गाड़ी संख्या 09604, बठिंडा-जयपुर ट्रेन बठिंडा के स्थान पर मंडी डबवाली से संचालित की गई।