हिसार। लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी करते हुए सोमवार को करीब 522 आशा वर्कर्स ने गिरफ्तारियां दीं। आशा वर्कर्स को पुलिस की दस बसों में भरकर महाबीर स्टेडियम में ले जाया गया। इसके करीब दो घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद फिर आशा वर्कर लघु सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गईं।
आशा वर्कर यूनियन की राज्य महासचिव सुनीता के नेतृत्व में आशा वर्कर्स लघु सचिवालय के बाहर एकत्र हुई। प्रदेश स्तर पर लिए गए फैसले के अनुसार गिरफ्तारियां दी। महासचिव सुनीता ने कहा कि 8 अगस्त से आशा वर्कर्स अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा अनिल विज ने दो बार वार्ता हेतु समय दिया, लेकिन वार्ता वाले दिन वार्ता रद्द कर दी गई, जिससे आशा वर्कर्स में रोष व्याप्त है। 2018 के बाद आशा वर्कर्स का मानदेय नहीं बढ़ाया गया। आशा वर्कर्स की मांग है कि उन्हें न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रति माह दिया जाए, मानदेय को महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाए। जिला अस्पताल,सीएचसी व पीएचसी पर डिलीवरी रूम दो-दो महिला डॉक्टर तीन शिफ्ट में तैनात किए जाए। अल्ट्रासाउंड मशीन, एक्स-रे मशीन का एमरजेंसी में करवाने का प्रबंध किया जाए। मशीनों को चलाने के लिए ऑपरेटर की भर्ती की जाए।
इस मौके पर सीमा, संतोष, मनोज कुमार, सुरेश कुमार, निर्मला, शकुंतला जाखड़, माया, सुषमा, दर्शना, कृष्णा, सीमा धीरणवास, अनीता, नीता, कमलेश उकलाना, सुरेश शास्त्री, रणधीर सातरोड, सूबे सिंह, सुरेंद्र मान, सतवीर आदि मौजूद रहे।