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Hisar News: सरपंचों को मिला रिकॉर्ड, पहली बैठक में लिए फैसले ...

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हिसार। जिले में 306 सरपंचों को रिकॉर्ड सौंप दिया गया है। जिसके बाद जिले के गांवों में ग्राम सभा की पहली बैठक बुलाई गई। जिले की 60 पंचायतों के पास 50 लाख से एक करोड़ रुपये जमा हैं। 30 पंचायतों के पास अपना कोई फंड नहीं बचा है। करीब 216 पंचायतों में 5 से 50 लाख रुपये उपलब्ध हैं।
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जिले में दो पंचायतों को छोड़कर अन्य सभी 306 में सरपंच बन चुके हैं। बुधवार को सरपंचों को रिकॉर्ड सौंपा गया। जिसमें सरपंचों को बही खातों की भी जानकारी दी गई। जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी ने बताया कि सरपंच औपचारिक तौर पर काम कर सकते हैं। जिले की 216 ग्राम पंचायतें छोटे से बड़े विकास कार्य के लिए भी सरकार की तरफ ताक रही हैं, जिन्हें हर काम के लिए सरकार से बजट की दरकार है।
ग्राम पंचायत ग्राम सचिव के माध्यम से बीडीपीओ को विकास कार्यों का प्रस्ताव भेज सकती है। जिसे सरकार के समक्ष बजट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, लेकिन जिन ग्राम पंचायतों के पास खुद का फंड है और वो इस फंड से कोई भी विकास कार्य गांव में कराना चाहती है, इसके लिए ग्राम सचिव व बीडीपीओ के माध्यम से सीधे हमारे पास भेज सकते हैं, जिसके बाद तकनीकी विंग उसका एस्टीमेट तैयार कराकर कार्य को पूरा करा देगी।
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- प्रेम सिंह, एक्सईएन, पंचायती राज विभाग
सरपंचों के हस्ताक्षरों के नमूने लिए
जिले में सरपंचों ने बुधवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। ग्राम सचिवों ने गांवों में जाकर सरपंचों को चार्ज सौंपा। सरपंचों के हस्ताक्षर करवाए गए। इस दौरान बैंक खाते के लिए सरपंचों के नमूने हस्ताक्षर भी लिए गए हैं ताकि उनको वेरिफाई करवाकर बैंक खाता खुलवाया जा सके।
पहली बैठक में ग्रामीणों ने पेयजल, स्वास्थ्य, गली निर्माण, जोहड़ की सफाई समेत अनेक प्रकार की समस्याएं सरपंचों के सामने रखी। इस दौरान पंचायत विभाग से ग्राम सचिव मौजूद रहे। एक ग्राम सचिव ने पांच से छह गांवों की जिम्मेदारी संभाली। जिले में बीडीपीओ के चार पद खाली होने से विकास कार्य शुरू होने में और भी बाधाएं आ सकती हैं।
विकास कार्य शुरू होने में अभी लगेंगे 10 दिन और
पंचायत विभाग नए सरपंचों के हस्ताक्षर बैंक से वेरिफाई करवाएगा उसके बाद बैंक खाता खुल सकेगा। खाता खुलने के बाद ही सरपंच पंचायत के खाते को ऑपरेट कर सकेगा। इस प्रक्रिया में कम से कम दस दिन का समय लग सकता है। सरपंच अब गांव की समस्या को लेकर कोई भी प्रस्ताव तैयार कर विभाग के पास भेज सकता है। विभाग इसकी मंजूरी के लिए हेड ऑफिस भेजेगा। इस संबंध में ग्राम सचिवों ने सरपंचों का दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
मनरेगा के काम करवा सकते हैं शुरू
सरपंच इस समय मनरेगा के तहत विकास कार्य करवा सकते हैं। इसके तहत गांव में छोटे स्तर के कार्य करवाए जा सकते हैं। इसके लिए पंचायत विभाग के पास प्रस्ताव तैयार कर भेजना होगा। इस संबंध में मनरेगा शाखा पूरी तरह से तैयार है। मनरेगा सहायक अधिकारी नवीन कुमार का कहना है कि सरपंच मनरेगा के तहत गांव में काम करवा सकते हैं।
बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ के लिए संकल्प लिया
गांव देवा की पंचायत ने पहली बैठक में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। गांव की सरपंच सुमन देवी ने कहा कि गांव में ई रिक्शा से कचरा एकत्र कराया जाएगा। पहले गांव में एक सफाईकर्मी था। अब दो सफाई कर्मी नियुक्त किए जाएंगे। गांव के रास्ते, सड़कों, चौराहों पर सफाई कराई जाएगी। मनरेगा के तहत मजदूरों को काम दिया जाएगा।
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