हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की अदालत ने जान से मारने की धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट के मामले में गांव बास बादशाहपुर के प्रदीप को 2 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने उसे वीरवार को दोषी करार दिया था।
बास थाना पुलिस ने इस संबंध में 17 दिसंबर 2018 को केस दर्ज किया था। बास आजमशाहपुर की डॉ. बीआर आंबेडकर कल्याण समिति के प्रधान संदीप कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि गांव में डॉ. आंबेडकर भवन के निर्माण के लिए सांसद दुष्यंत चौटाला ने अपने कोटे से ग्राम पंचायत गांव बास आजमशाहपुर को 9.42 लाख रुपये की ग्रांट दी थी। इसमें से करीब 7 लाख रुपये निर्माण पर खर्च किए गए। अभी निर्माण कार्य बकाया पड़ा है। ग्राम पंचायत से भवन के निर्माण पर खर्चे के बारे में कई बार आरटीआई के तहत जानकारी मांगी, लेकिन कोई सूचना नहीं दी। 14 दिसंबर 2018 को पंचायत विभाग के एसडीओ ने डॉ. आंबेडकर भवन का दौरा किया। हमने एसडीओ को सारी अनियमितताएं बताईं। फेसबुक आईडी पर गांव के एक युवक ने वीडियो डाला, उसने धमकाया और जातिसूचक टिप्पणी की। युवक ने फेसबुक मैसेंजर पर कुख्यात गैंगस्टर का हवाला देकर धमकी दी। इस संबंध में बास थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था।