अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष और हरियाणा कान्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग दास गर्ग ने उकलाना में व्यापारियों को संबोधित किया कि व्यापारी और वैश्य समाज देश की रीढ़ है। केंद्र और राज्यों की सरकारों को सबसे ज्यादा राजस्व देकर सरकार का खजाना भर रहे हैं, लेकिन अफसोस है कि व्यापारी सरकार का सहयोग होने के बावजूद सरकार व्यापारियों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। हाल ही में हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड द्वारा अनाज की ऑनलाइन खरीद और फसल का भुगतान व्यापारियों के माध्यम से ना करने का जो पत्र मार्केट कमेटियों ने जारी किया है, वह उचित नहीं है। इस फैसले से किसान, व्यापारी, उद्योगपति, मजदूर व ट्रांसपोर्टरों में भारी नाराजगी है। इस फैसले के विरोध में 13 सितंबर को हरियाणा की सभी अनाज मंडियां बंद रहेंगी। मंडियों में फसल का एक दाना भी नहीं खरीदा जाऐगा। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि जब देश में किसान, व्यापारी और मिलर्स मिलकर काम कर रहे हैं तो ऐसे में मार्केटिंग बोर्ड द्वारा तानाशाही का फरमान जारी नहीं करना चाहिए। गर्ग ने कहा कि प्रदेश में 90 प्रतिशत अनाज की खरीद प्रदेश की सरकारी एजेंसियों द्वारा की जाती है और 10 प्रतिशत खरीद सिर्फ एफसीआई की केंद्रीय एजेंसी द्वारा। अगर प्रदेश सरकार चाहे तो अनाज की खरीद और फसल का भुगतान पहले की तरह मंडियों के माध्यम से हो सकता है। गर्ग ने कहा कि पांच अक्तूबर को अग्रोहा धाम में वैश्य समाज का महासम्मेलन होगा, जिसमें लाखों व्यापारी भाग लेंगे। इस मौके पर राजेंद्र बंसल, अशोक बंसल, बाबू राम मित्तल, महेश बंसल, सतपाल जैन, सतीश दबौदा, रोशन मित्तल, जगदीश राय गोयल, हरिकृष्ण गर्ग, धर्मपाल धायल, बजरंग बंसल, तरसेम बरवाला, नरेंद्र गर्ग, रामनिवास जैन, सुभाष फरीदपुरिया, धर्मपाल गोयल, नवीन बंसल, निरंजन, सत्यभूषण बिंदल मौजूद थे।
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ऑनलाइन खरीद और फसल का भुगतान व्यापारियों के माध्यम से न करने पर रोष